


भागलपुर। तिलकामांझी थाना क्षेत्र के सुरखीकल काली मंदिर के समीप एक युवक के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सौरभ कुमार तांती की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर परिवार और स्थानीय लोगों के बीच मतभेद सामने आया, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मृतक के परिजनों का कहना था कि सौरभ लंबे समय से ईसाई धर्म को मानते थे, इसलिए परिवार ने ईसाई परंपरा के अनुसार शव को दफनाने का निर्णय लिया। वहीं, मोहल्ले के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सौरभ हिंदू समाज से जुड़े थे, इसलिए उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया जाना चाहिए।
दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। स्थानीय लोगों ने सामाजिक परंपराओं का हवाला दिया, जबकि परिवार अपने धार्मिक विश्वास पर कायम रहा। मृतक की भाभी लक्ष्मी ने परिवार का पक्ष रखते हुए बताया कि उनका परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से ईसाई धर्म का पालन कर रहा है और इसी कारण ईसाई रीति से अंतिम संस्कार किया गया।
काफी बहस और विरोध के बीच अंततः परिजनों ने अपने निर्णय के अनुसार शव को दफनाया। घटना के बाद इलाके में धर्म और परंपरा को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।













