



नवगछिया प्रखंड के मध्य विद्यालय घुसकी टोला की प्रधानाध्यापिका पिंकी प्रियंका ने नवगछिया महिला थाना में आवेदन देकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। प्रधानाध्यापिका द्वारा दिए गए आवेदन में विद्यालय की एक शिक्षिका एवं उनके पुत्र पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने तथा अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
आवेदन के अनुसार विद्यालय में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका कुमारी रेखा कुमारी के पुत्र रितेश यादव अक्सर विद्यालय परिसर में आकर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करते हैं और सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करते हैं। प्रधानाध्यापिका ने आरोप लगाया है कि रितेश यादव विद्यालय में आकर लगातार वीडियो बनाते रहते हैं, जिससे विद्यालय की अन्य महिला शिक्षिकाएं असहज महसूस करती हैं।

प्रधानाध्यापिका के अनुसार 14 फरवरी को शाम करीब चार बजे विद्यालय की छुट्टी के समय शिक्षिका रेखा कुमारी एवं उनके पुत्र द्वारा विद्यालय परिसर में अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की गई। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिक्षिका ने वरीय पदाधिकारी से शिकायत कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। साथ ही आरोप लगाया गया है कि रितेश यादव पूर्व में भी उनके विद्यालय आने-जाने के दौरान रास्ता रोककर वीडियो बनाता रहा है। प्रधानाध्यापिका ने महिला शिक्षिका एवं उनके पुत्र से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस मामले को लेकर प्रधानाध्यापिका ने शिक्षिका कुमारी रेखा कुमारी से स्पष्टीकरण भी मांगा है तथा संबंधित आवेदन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विद्यालय पहुंचकर मामले का जायजा लिया और दोनों पक्षों से बातचीत की। उन्होंने विद्यालय में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित करने की सलाह दी।
वहीं शिक्षिका रेखा कुमारी ने प्रधानाध्यापिका के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि प्रधानाध्यापिका पिंकी प्रियंका विद्यालय में विलंब से पहुंचती हैं, जिसे लेकर उनके पुत्र ने वीडियो बनाया था। इस संबंध में उन्होंने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से शिकायत भी की है। शिक्षिका का आरोप है कि इसी बात को लेकर प्रधानाध्यापिका उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय बंद होने के बाद कुर्सी रखवाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा विद्यालय परिसर में वीडियो बनाना उचित नहीं है। इस संबंध में प्रधानाध्यापिका द्वारा शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।















