


ताइक्वांडो खिलाड़ी जेम्स फाइटर ने दिया संदेश – बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी को खिलाड़ी बनाओ
नवगछिया :
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एसपीएस ताइक्वांडो प्रशिक्षण केंद्र की ओर से ‘बेटी सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक जेम्स फाइटर ने किया। समारोह का उद्देश्य समाज में बेटियों को सम्मान देना, उन्हें शिक्षा और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जीएसटी इंस्पेक्टर कुंदन कुमार, शिक्षाविद कृष्ण कुमार साहू, सुमित कुमार साहू, टिशू कुमारी, देव कुमार, समाजसेवी संजय कुमार सुमन और खुशबू कुमारी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों को सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में मीनाक्षी कुमारी, प्रिया कुमारी, आनन्या वात्सल्य, तान्या वात्सल्य, अनामिका आनंद, निधि कुमारी और राधिका कुमारी को सम्मानित किया गया। वहीं एनसीसी की छात्राओं नेहा कुमारी, उषा कुमारी और रानी कुमारी को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी जेम्स फाइटर ने कहा कि समाज में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” ही नहीं, बल्कि “बेटी को खिलाड़ी बनाओ” का भी संकल्प लेना होगा। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि खेल से आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
मुख्य अतिथि जीएसटी इंस्पेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि साहस और दृढ़ संकल्प ही जीवन में सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी मेहनत से नया मुकाम हासिल कर रही हैं।
वहीं शिक्षाविद टिशू कुमारी और देव कुमार ने कहा कि आज की बेटियां अबला नहीं बल्कि सबला हैं। वे शिक्षा, खेल, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा से समाज का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज को बेटियों के उत्थान के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए और उन्हें हर संभव सहयोग देना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा बेटियों को निरंतर आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।















