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पांच घंटे तक जाम में फंसे लोग, नाव सेवा बहाल करने की उठी मांग

 

नवगछिया। भागलपुर और उत्तर बिहार को जोड़ने वाली जीवनरेखा विक्रमशिला सेतु पर क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थान पर बनाए गए बेली ब्रिज से छोटे वाहनों का परिचालन शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। करीब एक माह तक आवागमन बाधित रहने के बाद सड़क संपर्क बहाल तो हो गया, लेकिन अब वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था और वाहनों के अत्यधिक दबाव ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि नवगछिया से भागलपुर की दूरी तय करने में लोगों को चार से पांच घंटे तक जाम का सामना करना पड़ रहा है।

 

सोमवार को सुबह से ही पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भीषण गर्मी और लू के बीच बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, छात्र, नौकरीपेशा लोग और छोटे व्यवसायी घंटों सड़क पर फंसे रहे। कई यात्रियों को अपने वाहन छोड़कर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी बाइक सवारों को हुई, जिन्हें तेज धूप में दो से तीन घंटे तक जाम में खड़ा रहना पड़ा।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि बेली ब्रिज चालू होने के बाद गंगा नदी में संचालित यात्री नाव सेवा लगभग बंद हो गई है। इससे सड़क मार्ग पर दबाव और बढ़ गया है। लोगों की मांग है कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक नाव सेवा को नियमित रूप से संचालित किया जाए, ताकि यात्रियों को वैकल्पिक सुविधा मिल सके।

 

नवगछिया प्रखंड के पूर्व उप प्रमुख गौतम कुमार ने बताया कि बैंक के कार्य से भागलपुर जा रहे थे, लेकिन जहान्वी चौक से शुरू हुए जाम में घंटों फंसे रहने के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द कर वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विक्रमशिला सेतु पर लग रहे जाम को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों ने इसे नाव सेवा के समय की व्यवस्था से अधिक परेशान करने वाला बताया है। वहीं पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पुल की वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार की कार्यशैली की आलोचना की है।

 

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नवगछिया पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के निर्देश पर विशेष ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पुल और उसके आसपास लगभग 40 पुलिसकर्मियों, 12 पुलिस पदाधिकारियों तथा दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने का दावा किया है, हालांकि जाम में फंसी एंबुलेंस की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

फिलहाल विक्रमशिला बेली ब्रिज लोगों के लिए राहत और परेशानी के बीच झूलता दिखाई दे रहा है। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर टिकी हैं, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन सुचारु हो सके।

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