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नवगछिया एसपी का निर्देश – बिना पुलिस जाँच किराए पर जगह देना पड़ सकता है भारी, आपराधिक गतिविधि मिलने पर मकान मालिक भी जाएंगे जेल

नवगछिया। नवगछिया पुलिस जिला क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे फर्जी बैंक, साइबर ठगी, नशा कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने मकान मालिकों एवं भू-स्वामियों को कड़ा संदेश दिया है। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को मकान, दुकान, गोदाम अथवा अन्य परिसर किराए पर देने से पूर्व उसका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। ऐसा नहीं करने और परिसर में किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि पाए जाने पर संबंधित मकान मालिक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार नवगछिया पुलिस जिला में प्रत्येक वर्ष दो दर्जन से अधिक ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें किराए पर लिए गए मकानों, दुकानों अथवा गोदामों का उपयोग फर्जी संस्थान चलाने, साइबर ठगी, अवैध कारोबार, नशीले पदार्थों के भंडारण तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। अपराधी पहले स्थानीय स्तर पर जगह तलाशते हैं और मोटी रकम का लालच देकर आसानी से परिसर किराए पर ले लेते हैं। कई मामलों में बीच के दलालों द्वारा साधारण एग्रीमेंट तैयार कराकर मकान मालिकों को भरोसे में लिया जाता है।

पुलिस का कहना है कि सड़क किनारे बने गोदाम और व्यावसायिक परिसर ऐसे तत्वों के लिए सबसे आसान ठिकाना बनते हैं। कई बार संबंधित व्यक्ति स्थानीय निवासी भी नहीं होते, लेकिन अधिक किराया मिलने के कारण बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के उन्हें जगह उपलब्ध करा दी जाती है। बाद में जब किसी आपराधिक गतिविधि का खुलासा होता है, तब मकान मालिक केवल एग्रीमेंट दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करते हैं।

नवगछिया क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान फर्जी बैंक और फर्जी वित्तीय संस्थान संचालित होने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे मामलों में पहले भवन या कार्यालय किराए पर लिया जाता है, फिर आम लोगों को झांसे में लेकर ठगी का जाल बिछाया जाता है। पुलिस का मानना है कि यदि किराएदारों का समय रहते सत्यापन कराया जाए तो ऐसे अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

एसपी वैभव शर्मा ने कहा है कि अब केवल किरायानामा या एग्रीमेंट पर्याप्त नहीं माना जाएगा। किसी भी अनजान व्यक्ति को मकान, दुकान या गोदाम किराए पर देने से पहले उसका पुलिस सत्यापन कराना आवश्यक है। यदि परिसर में अवैध या आपराधिक गतिविधि संचालित होती पाई गई और मकान मालिक ने सत्यापन नहीं कराया है, तो उसके विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अधिक किराये के लालच में बिना पहचान और सत्यापन के किसी को भी जगह उपलब्ध न कराएं। सतर्कता और जिम्मेदारी ही अपराध नियंत्रण में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है।

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