


बिहपुर के ब्रजलेश्वरनाथ धाम में मंत्री शैलेंद्र ने की प्रधानमंत्री के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना
भागलपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4399 दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नई उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक इंजीनियर शैलेंद्र बुधवार को बिहपुर प्रखंड के मड़वा स्थित बाबा ब्रजलेश्वरनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की।
मंत्री शैलेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता का लगातार मिल रहा समर्थन उनके नेतृत्व, सुशासन और विकास कार्यों में लोगों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जनआशीर्वाद के बल पर प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4399 दिनों तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पार कर नया इतिहास रचा है। यह देशवासियों के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, आत्मनिर्भरता, आधारभूत संरचना, वैश्विक प्रतिष्ठा और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व पटल पर एक मजबूत राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है।
मौके पर ठाकुरबाड़ी के महंत राजेंद्र दास की उपस्थिति में मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंदिर समिति के श्यामसुंदर राय, विमल शर्मा, गोपाल चौधरी, मुखिया प्रतिनिधि मनोरंजन राय, पूर्व मुखिया नरेश चौधरी तथा पूर्व सरपंच सुनील चौधरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में शंभु राय, अमित उर्फ गुड्डू, रूपेश रूप, चंद्रकांत चौधरी, प्रभुनंदन चौधरी, उत्तम कुमार, अभय राय, ज्ञानदेव कुमार, गोपाल समेत विभिन्न मंडलों एवं बूथों के भाजपा अध्यक्ष, सैकड़ों ग्रामीण तथा एनडीए कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन और देश की निरंतर उन्नति के लिए विशेष प्रार्थना भी की गई।
मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र और जनविश्वास की बड़ी जीत बताया।
















