5
(2)

मुजफ्फरपुर: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 30 अप्रैल 1908 की रात एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज है। इसी दिन युवा क्रांतिकारियों Khudiram Bose और Prafulla Chaki ने ब्रिटिश जज Douglas Kingsford को निशाना बनाकर मुजफ्फरपुर में बम हमला किया था।

उस समय किंग्सफोर्ड भारतीय क्रांतिकारियों के बीच कठोर दंड देने वाले न्यायाधीश के रूप में चर्चित था। बंगाल में बढ़ते विरोध के बाद उसका तबादला मुजफ्फरपुर कर दिया गया था, लेकिन क्रांतिकारियों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। किंग्सफोर्ड को दंडित करने की जिम्मेदारी 18 वर्षीय खुदीराम बोस और उनके साथी प्रफुल्ल चाकी को सौंपी गई।

दोनों क्रांतिकारी कई दिनों तक गुप्त रूप से मुजफ्फरपुर में रहकर किंग्सफोर्ड की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। 30 अप्रैल 1908 की रात उन्होंने यूरोपियन क्लब से निकल रही एक बग्घी को किंग्सफोर्ड की गाड़ी समझकर उस पर बम फेंक दिया।

हालांकि यह एक दुखद भूल साबित हुई। जिस बग्घी को किंग्सफोर्ड की समझा गया था, उसमें वकील पी. केनेडी की पत्नी और बेटी सवार थीं, जिनकी विस्फोट में मौत हो गई

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: