


नवादा, संवाददाता। नवादा जिले के रजौली प्रखंड स्थित धामुचक गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने देर रात जमकर उत्पात मचाया। तीन हाथियों का झुंड उत्क्रमित उच्च विद्यालय एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में घुस गया और वहां भारी नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने स्कूल की बाउंड्री वॉल, दरवाजे और लोहे की ग्रिल को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि मिड-डे मील के लिए रखे गए चावल को भी बर्बाद कर दिया।
जानकारी के अनुसार, झारखंड सीमा से सटे जंगलों से निकले हाथियों का झुंड रात के समय स्कूल परिसर में पहुंचा। हाथियों ने अपनी ताकत से स्कूल की दीवार और कमरों के किवाड़ तोड़ दिए। इसके बाद भंडार कक्ष का दरवाजा तोड़कर अंदर रखी चावल की बोरियों को फाड़ डाला।
विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि हाथी तीन से चार बोरा चावल खा गए, जबकि बड़ी मात्रा में अनाज परिसर में बिखेरकर नष्ट कर दिया। सुबह जब स्कूल कर्मी पहुंचे तो विद्यालय परिसर में तबाही का मंजर देखकर हैरान रह गए।
गनीमत रही कि घटना रात में हुई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। विद्यालय प्रबंधन ने हुए नुकसान के आकलन के बाद मुआवजे के लिए वन विभाग को आवेदन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल
रजौली वन क्षेत्र झारखंड के जंगलों से जुड़ा होने के कारण हाथियों का पारंपरिक कॉरिडोर माना जाता है। इससे पहले भी हाथियों के झुंड ने सिलीडीह, दुधीमाटी, बगरदेवा और चितरकोली समेत कई गांवों में फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाया है। पूर्व की घटनाओं में हाथियों के हमले से मवेशियों की मौत के साथ एक ग्रामीण की जान भी जा चुकी है।
घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रेंजर नारायण लाल सेवक ने लोगों से रात के समय जंगल और हाथियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक से सीमावर्ती गांवों के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।













