


बक्सर जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार को आशा कर्मियों ने बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवा कई घंटों तक प्रभावित रही, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
प्रदर्शनकारी आशा कर्मियों का आरोप है कि उन्हें अक्टूबर 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि जिले के अन्य प्रखंडों में भुगतान हो चुका है, लेकिन राजपुर प्रखंड की आशा कर्मियों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है।
आशा कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार का खर्च चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में बालकेसरी देवी, मंजू देवी, रमावती देवी, संगीता कुमारी, इंदु देवी, देवंती देवी, पुष्पा देवी, कुंती देवी, चंदन देवी और चानमुनी देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।
प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य विभाग और बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। आशा कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो वे और बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगी।
मामले को बढ़ता देख चिकित्सा प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और एक सप्ताह के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद आशा कर्मियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और अस्पताल की ओपीडी सेवा फिर से सामान्य हो सकी।













