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मधुबनी। मानसून के आगमन के साथ जिले में डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष तैयारियां की गई हैं।

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी.एस. सिंह ने सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों की जांच के लिए स्थापित एलाइजा रीडर मशीन का निरीक्षण किया। उन्होंने तकनीकी कर्मियों को मशीन को पूरी तरह कार्यशील रखने का निर्देश दिया, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

डॉ. सिंह ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए सदर अस्पताल में 8 बेड, अनुमंडलीय अस्पतालों में 4-4 बेड तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2-2 बेड डेंगू वार्ड के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। सभी बेड पर एंटी-मच्छरदानी लगाने और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी क्षेत्र में डेंगू का मरीज मिलने पर उसके घर के 500 मीटर के दायरे में फॉगिंग कराई जाए, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।

डेंगू से बचाव को लेकर जुलाई माह को “एंटी डेंगू माह” के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान जिलेभर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। विद्यालयों में क्विज, चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।

डॉ. सिंह ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ और स्थिर पानी में पनपता है। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं तथा मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और मच्छरदानी का उपयोग करें।

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