


पश्चिम चंपारण: मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर नरकटियागंज की बेटी असप्रीत कौर ने एमबीबीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे सिख समुदाय के लिए भी गौरव का क्षण पैदा किया है। परिजनों के अनुसार, असप्रीत नरकटियागंज के सिख समुदाय से एमबीबीएस डॉक्टर बनने वाली पहली बेटी हैं।
असप्रीत की इस उपलब्धि के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। उनकी सफलता को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है।
असप्रीत के पिता लवली सिंह टेंट हाउस का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी की शिक्षा में कभी कोई बाधा नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि असप्रीत की सफलता वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। परिवार अब उसकी आगे की मेडिकल शिक्षा में भी हर संभव सहयोग करेगा।
असप्रीत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल, नरकटियागंज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने मुजफ्फरपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए देहरादून चली गईं। वहां फिजिक्स प्लैनेट संस्थान में तैयारी करते हुए उन्होंने पहले ही प्रयास में नीट (NEET) परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। इसके बाद उनका चयन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा में हुआ।
एमबीबीएस परीक्षा का परिणाम घोषित होने के समय असप्रीत अपने घर पर थीं। रिजल्ट आते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। असप्रीत ने बताया कि डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना उनका बचपन का सपना था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास से साकार किया है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय सेल्फ स्टडी, ऑनलाइन क्लासेज, शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के सहयोग को दिया। असप्रीत का मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
असप्रीत कौर की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे नरकटियागंज और पश्चिम चंपारण जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।













