


आरा/शाहपुर। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में युवक भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। इस घटना को लेकर पूर्व विधायक राहुल तिवारी उर्फ मंटू तिवारी ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने कहा कि मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को पहले से स्थिति की जानकारी थी, इसके बावजूद घटना को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राहुल तिवारी ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। उनके अनुसार मृतक की मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी और ऐसी परिस्थिति में उसे बिना बल प्रयोग के भी हिरासत में लिया जा सकता था। उन्होंने पूछा कि जब स्थिति को अन्य तरीकों से नियंत्रित किया जा सकता था, तो गोली चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
पूर्व विधायक ने इस घटना को एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या करार देते हुए पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डीएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार को पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
इधर, इस घटना को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा तेज है और लोग निष्पक्ष जांच तथा पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।













