


साइबर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज
पीड़िता का आरोप— एटीएम पिन लेकर खाते से कई बार में निकाली राशि, विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी
नवगछिया : बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर एक महिला के बैंक खाते से करीब 36 हजार रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने साइबर थाना में आवेदन देकर नामजद आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में आरोप है कि लोन दिलाने के बहाने मोबाइल और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से कई बार में रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। विरोध करने पर आरोपितों ने मारपीट करने और जान से मारने की धमकी भी दी।
मामला भवानीपुर थाना क्षेत्र के मौजमाबाद वार्ड संख्या-11 निवासी मैनका देवी, पति राजा कुमार से जुड़ा है। वर्तमान में पीड़िता अपने परिवार के साथ भागलपुर के तिलकामांझी स्थित तुलसीनगर कॉलोनी में रहती हैं। उनके पति राजमिस्त्री का कार्य करते हैं।

पीड़िता ने साइबर थाना में दिए आवेदन में बताया है कि 4 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे उनके पति काम पर चले गए थे। इसी दौरान मौजमाबाद निवासी भीम कुमार अपने एक अज्ञात युवक के साथ उनके किराये के कमरे पर पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने सरकारी योजना के तहत आसानी से बैंक लोन दिलाने का भरोसा दिया और इसी बहाने महिला से मोबाइल, एटीएम पिन तथा बैंक खाते से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर ली।
महिला ने आवेदन में बताया कि ग्रामीण परिचित होने के कारण उसने दोनों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया और चाय-नाश्ता भी कराया। कुछ ही देर बाद उसके मोबाइल पर बैंक से रुपये निकासी के लगातार संदेश आने लगे।

आवेदन के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक, बरारी शाखा स्थित खाते से एटीएम के माध्यम से चार बार में 30 हजार रुपये तथा फोन-पे के जरिए तीन बार में 5,990 रुपये, कुल 35,990 रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा आरोप है कि बिना अनुमति 4,625 रुपये का लोन भी खाते से काट लिया गया। पीड़िता का कहना है कि फोन-पे के माध्यम से भेजी गई राशि पूनम देवी नामक व्यक्ति के खाते में गई तथा उसी नंबर पर 365 रुपये का मोबाइल रिचार्ज भी कराया गया।
पीड़िता के अनुसार जब उनके पति शाम को काम से लौटे तो बैंक से प्राप्त संदेशों के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी हुई। अगले दिन, 5 जून को दोनों आरोपितों से रुपये वापस मांगने के लिए उनके घर पहुंचे। पीड़िता का आरोप है कि उस समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में आरोपित भीम कुमार और उसके पिता राजकुमार पासवान ने खाते से राशि निकाले जाने की बात स्वीकार करते हुए अगले दिन रुपये लौटाने का आश्वासन दिया।
हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि 6 जून को जब वह रुपये लेने पहुंची तो आरोपितों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद राजकुमार पासवान, अंगद पासवान और विभीषण कुमार ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा लेकर हमला करने का प्रयास किया। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से किसी तरह वह और उनके पति वहां से निकलकर अपनी जान बचा सके। पीड़िता ने दावा किया है कि मारपीट की घटना का वीडियो भी उनके मोबाइल में सुरक्षित है।
इस संबंध में साइबर थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि पीड़िता का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित आरोपितों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















