


एसपी सिंगला की सभी परियोजनाओं की जांच की मांग
पूर्णिया। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर भागलपुर के सुल्तानगंज और खगड़िया के अगुवानी घाट के बीच गंगा नदी पर निर्माणाधीन फोरलेन पुल के बार-बार ध्वस्त होने का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता और बिहार में कंपनी द्वारा संचालित सभी परियोजनाओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में सांसद ने कहा कि सुल्तानगंज-अगुवानी फोरलेन पुल बिहार की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है, लेकिन निर्माण के दौरान वर्ष 2022, 2023 और 2024 में इसके विभिन्न हिस्सों के ध्वस्त होने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 3.16 किलोमीटर लंबे इस पुल को वर्ष 2013 में स्वीकृति मिली थी तथा 2015 में इसका शिलान्यास हुआ था। लगभग 1,710 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना निर्धारित समय में पूरी नहीं हो सकी और कई बार समय-सीमा बढ़ने के बावजूद अब तक अधूरी है।

पप्पू यादव ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन बिहार की कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं, जैसे नया महात्मा गांधी सेतु, आरा-छपरा पुल, औंटा-सिमरिया पुल सहित विभिन्न सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों का भी निर्माण कर रही है। उन्होंने वर्ष 2020 में पटना के लोहिया चक्र पथ परियोजना में कंक्रीट स्लैब गिरने से तीन बच्चों की मौत की घटना का हवाला देते हुए कहा कि यदि उस समय प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो बाद की घटनाओं को रोका जा सकता था।
सांसद ने यह भी कहा कि कंपनी को डिबार किए जाने की सार्वजनिक घोषणा के बावजूद उसके अन्य सरकारी टेंडरों में भाग लेने की खबरें सामने आई हैं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्न उठते हैं।
ज्ञापन के माध्यम से सांसद ने मांग की कि एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन के डिबारमेंट से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, सुल्तानगंज-अगुवानी पुल की तीनों दुर्घटनाओं तथा लोहिया चक्र पथ हादसे की तकनीकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, बिहार में कंपनी द्वारा संचालित सभी परियोजनाओं की स्वतंत्र गुणवत्ता एवं सुरक्षा जांच कराई जाए तथा परियोजना की संशोधित लागत और नई समय-सीमा की वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट की जाए। इसके साथ ही कंपनी को लगातार बड़ी परियोजनाएं दिए जाने की प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा कराने की भी मांग की गई।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सुल्तानगंज-अगुवानी फोरलेन पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। निर्माणाधीन पुल का तीन बार ध्वस्त होना केवल तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि जवाबदेही व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से पूरे मामले में तथ्यपरक, पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और विकास परियोजनाओं के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।
















