5
(2)

भागलपुर। भागलपुर संग्रहालय आज भी इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहरों को सहेजकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। संग्रहालय में प्राचीन काल के दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली मिट्टी से निर्मित कई दुर्लभ वस्तुएं सुरक्षित रखी गई हैं, जो उस समय की जीवनशैली, कला और संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती हैं। इन प्राचीन धरोहरों को देखने के लिए बड़ी संख्या में इतिहास प्रेमी, छात्र-छात्राएं और पर्यटक संग्रहालय पहुंच रहे हैं।

CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v62), default quality?

जिला कला एवं सांख्यिकी पदाधिकारी अंकित रंजन ने बताया कि प्राचीन समय में अधिकांश घरेलू उपयोग की वस्तुएं मिट्टी से तैयार की जाती थीं। उस दौर में मिट्टी के बर्तन, पात्र और अन्य उपयोगी सामान लोगों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा थे। ये वस्तुएं केवल उपयोगिता तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उस समय की शिल्पकला और सांस्कृतिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण प्रतीक थीं।

उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और नए संसाधनों के विकास के साथ मिट्टी से बनी पारंपरिक वस्तुओं का उपयोग लगातार कम होता गया। परिणामस्वरूप आज ऐसी अनेक वस्तुएं विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ऐसे में संग्रहालय में संरक्षित ये धरोहरें न केवल इतिहास को जीवंत बनाए हुए हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।

अंकित रंजन ने कहा कि संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई ये प्राचीन मिट्टी की वस्तुएं लोगों को अतीत की जीवनशैली, सामाजिक व्यवस्था और पारंपरिक शिल्पकला को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों से संग्रहालय का भ्रमण कर अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को जानने और उन्हें संरक्षित रखने के प्रति जागरूक होने की अपील की।

भागलपुर संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन मिट्टी की कलाकृतियां और दैनिक उपयोग की वस्तुएं आज भी इतिहास प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: