


पूर्णिया : राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मामले की एसआईटी और न्यायिक जांच कराने की मांग की।
संसद परिसर में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। पप्पू यादव इस दौरान पंडित की वेशभूषा और हाथ में दानपेटी लेकर पहुंचे, जो चर्चा का विषय बना रहा।

मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि देशभर में श्रद्धा से दिए गए धार्मिक दान के उपयोग को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
सांसद ने सवाल उठाया कि यदि चंदे के इस्तेमाल को लेकर आरोप सामने आए हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच और ऑडिट कराने में आपत्ति क्यों है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) के माध्यम से कराई जाए और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के वर्तमान अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए।
पप्पू यादव ने कहा कि केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई कर बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि जनता का विश्वास कायम रहे।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने बैनर के माध्यम से भी अपनी मांगें रखीं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
















