5
(2)

तस्वीर के साथ दोस्त ने पूरी की कांवर यात्रा

प्रदीप विद्रोही

भागलपुर। कहते हैं कि दोस्ती का रिश्ता खून का नहीं, दिल का होता है। शायद इसलिए कुछ रिश्ते मौत के बाद भी खत्म नहीं होते। फ्रेंडशिप डे पर भागलपुर के अजगैवीनाथ धाम से सामने आई एक घटना ने यही साबित कर दिया कि सच्चे दोस्त सिर्फ यादों में नहीं, हर कदम पर साथ चलते हैं।

CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v62), default quality?

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से आए कांवरियों के एक समूह के हाथों में इस बार गंगाजल से भरी कांवर के साथ एक तस्वीर भी थी। यह तस्वीर थी उनके दोस्त छोटू की, जिसकी पिछले वर्ष एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। लेकिन दोस्तों ने तय किया कि इस बार भी वह उनकी कांवर यात्रा का हिस्सा बनेगा।

टीम के नेतृत्वकर्ता विनीत कुमार बताते हैं कि छोटू पिछले चार वर्षों से हर सावन में उनके साथ अजगैवीनाथ धाम से देवघर तक की पैदल यात्रा करता था। इस बार जब यात्रा की तैयारी हुई तो किसी का मन उसे पीछे छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। इसलिए सबसे पहले उसकी तस्वीर को गंगा में स्नान कराया गया, फिर पूजा-अर्चना के बाद उसके नाम से भी गंगाजल भरा गया।

पूरी यात्रा के दौरान तस्वीर को उसी सम्मान के साथ रखा गया, जैसे छोटू स्वयं उनके साथ चल रहा हो। हर पड़ाव पर तस्वीर उनके बीच रही और हर कदम पर दोस्त की यादें उनके साथ चलती रहीं।

27 जुलाई को जब टोली बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंची तो अपने जलाभिषेक के साथ-साथ दोस्तों ने छोटू के नाम से भी गंगाजल अर्पित किया। यह सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि उस दोस्त के प्रति प्रेम, सम्मान और अपनापन था, जिसने भले ही दुनिया छोड़ दी हो, लेकिन दोस्तों के दिलों से कभी नहीं गया।

टीम के सदस्य सुब्रत कहते हैं, ‘छोटू हर सुख-दुख में सबसे आगे रहता था। इस बार उसकी कमी हर पल महसूस हुई, लेकिन तस्वीर साथ होने से लगा कि वह भी हमारे साथ बाबा के दरबार तक आया है।’

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: