


बदलेंगे शक्ल, 108 ट्रेनें और अरबों की परियोजनाएं
@ संसद में सांसद अजय मंडल के सवाल पर रेल मंत्रालय ने खोला भागलपुर के रेल विकास का पूरा खाका; कहीं स्टेशन बनकर तैयार तो कहीं मास्टर प्लान पर काम तेज।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर की रेल कनेक्टिविटी अब केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले समय में स्टेशन, ट्रैक और यात्री सुविधाओं की पूरी तस्वीर बदलने वाली है। भागलपुर संसदीय क्षेत्र के छह रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कायाकल्प चल रहा है, जबकि दोहरीकरण, तीसरी-चौथी रेल लाइन और बायपास जैसी बड़ी परियोजनाएं भी क्षेत्र की रेल क्षमता को नया विस्तार देने की तैयारी में हैं।
इस पूरे बदलाव का खाका लोकसभा में उस समय सामने आया, जब भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने 5 अगस्त 2026 को अतारांकित प्रश्न संख्या 2843 के जरिए रेल सुविधाओं और लंबित परियोजनाओं की स्थिति पर सवाल उठाया। रेल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के संसद में दिए जवाब में भागलपुर के रेल विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भागलपुर, कहलगांव, नौगछिया, पीरपैंती, सबौर और शिवनारायणपुर स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।कहलगांव में स्टेशन भवन, प्रवेश द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, शौचालय, प्रतीक्षालय, एग्जीक्यूटिव लाउंज, दिव्यांगजन सुविधाएं और कोच इंडिकेटर बोर्ड का काम पूरा हो चुका है।
सबौर में स्टेशन भवन से लेकर पार्किंग, प्रतीक्षालय, एग्जीक्यूटिव लाउंज, शौचालय और कोच इंडिकेटर बोर्ड तक के कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
शिवनारायणपुर में स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया, लिफ्ट, सीसीटीवी, लैंडस्केपिंग, प्रतीक्षालय और दिव्यांगजन सुविधाएं पूरी हो चुकी हैं। पीरपैंती में स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया, एग्जीक्यूटिव लाउंज और कला संबंधी कार्य पूरे हो चुके हैं। यहां 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का काम भी शुरू हो गया है। नवगछिया में नया स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफॉर्म शेल्टर, पार्किंग और नए शौचालय ब्लॉक का काम प्रगति पर है।
वहीं भागलपुर स्टेशन पर स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफॉर्म शेल्टर, वेटिंग रूम, फुट ओवरब्रिज और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा हो चुका है। लिफ्ट और ओवरहेड वाटर टैंक का काम जारी है। यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए होल्डिंग एरिया भी स्वीकृत किया गया है। स्टेशन के व्यापक पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया भी जारी है।
वंदे भारत से लेकर 108 ट्रेन सेवाओं तक विस्तार
भागलपुर स्टेशन की रेल कनेक्टिविटी भी लगातार मजबूत हुई है। वर्तमान में स्टेशन हावड़ा-जमालपुर वंदे भारत एक्सप्रेस समेत 108 ट्रेन सेवाओं से जुड़ा है। इसके अलावा 1 जनवरी 2026 से साहिबगंज-भागलपुर मेमू सेवा भी शुरू की गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए संसदीय क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों पर 4 एस्केलेटर और 10 लिफ्ट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। छह प्रमुख स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, सुलभ शौचालय और पेयजल बूथ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
भागलपुर की रेल क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत अथवा प्रगति पर हैं।
पीरपैंती-भागलपुर दोहरीकरण: 51 किमी, चालू हो चुका है। भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट दोहरीकरण: 177 किमी, ₹3,169 करोड़ की लागत से स्वीकृत।
भागलपुर बायपास लाइन: 13.38 किमी, ₹303 करोड़ की लागत से स्वीकृत।भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन: 53 किमी, ₹1,156 करोड़ की लागत से स्वीकृत।भागलपुर-बड़हरवा तीसरी एवं चौथी लाइन: 128 किमी, डीपीआर तैयार।भागलपुर-जमालपुर चौथी लाइन: 53 किमी, एफएलएस स्वीकृत।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ने और परिचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रेल मंत्रालय के जवाब में बिहार के रेल विकास से जुड़ा एक बड़ा आंकड़ा भी सामने आया। वर्ष 2009-14 के दौरान बिहार के लिए रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का औसत वार्षिक बजट आवंटन ₹1,132 करोड़ था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर ₹10,379 करोड़ हो गया है। यानी आवंटन में नौ गुना से भी अधिक वृद्धि हुई है।
उन्होंने भागलपुर की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है।
















