


पूर्णिया : पूर्णिया एयरपोर्ट से यात्री विमान सेवा शुरू होने के ऐतिहासिक एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री **** से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान सांसद ने एयरपोर्ट के विकास, नई उड़ान सेवाओं और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे मंत्री के समक्ष उठाए।

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना सीमांचल और उत्तर-पूर्वी बिहार के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन हुआ है तथा लाखों लोगों को बेहतर हवाई संपर्क का लाभ मिलने लगा है।
अक्टूबर तक मुंबई और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान की संभावना
मुलाकात के दौरान सांसद ने पूर्णिया से मुंबई और बेंगलुरु के लिए सीधी विमान सेवा शुरू करने की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने उन्हें जानकारी दी कि अक्टूबर 2026 तक पूर्णिया-मुंबई और पूर्णिया-बेंगलुरु मार्ग पर सीधी उड़ान सेवा शुरू होने की संभावना है।
सांसद ने कहा कि मुंबई और बेंगलुरु देश के प्रमुख औद्योगिक, आर्थिक और रोजगार केंद्र हैं। सीमांचल के हजारों लोग रोजगार, व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा के लिए इन शहरों की यात्रा करते हैं। वर्तमान में सीधी उड़ान नहीं होने के कारण यात्रियों को पहले पटना या अन्य शहरों तक सड़क अथवा रेल मार्ग से जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है। उन्होंने विभिन्न विमानन कंपनियों से इन मार्गों पर उड़ान शुरू कराने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया।
294 करोड़ की स्थायी टर्मिनल परियोजना में तेजी लाने की मांग
सांसद ने मंत्री को बताया कि 15 सितंबर 2025 को पूर्णिया एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव से हवाई सेवा का शुभारंभ हुआ था, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थायी टर्मिनल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा लगभग 294.05 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी टर्मिनल भवन एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए ईपीसी निविदा जारी की जा चुकी है, लेकिन ठेकेदार का चयन और निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है। इसके कारण यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय, बैठने की बेहतर व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सांसद ने निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर निर्माण कार्य तेज गति से शुरू करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने की मांग की।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जताई चिंता
पप्पू यादव ने एयरपोर्ट के एप्रन सहित अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्थल निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में अनियमितता और गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने निर्माण सामग्री, ठेकेदारों की कार्यप्रणाली तथा संबंधित विभागों की निगरानी की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में निर्माण सामग्री में मिलावट, मानकों की अनदेखी या लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित ठेकेदारों एवं अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता भविष्य में गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से इंटरिम टर्मिनल भवन, एप्रन, टैक्सीवे, लाइटिंग, नेविगेशन सिस्टम सहित सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित उच्चस्तरीय समीक्षा हो तथा गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक यात्री सुविधाएं, पर्याप्त पार्किंग, बेहतर आवागमन व्यवस्था और अन्य आधारभूत ढांचे का विस्तार भी जल्द किया जाए।
सीमांचल के विकास की आधारशिला है पूर्णिया एयरपोर्ट
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पूरे सीमांचल के आर्थिक और सामाजिक विकास की आधारशिला है। इससे पूर्णिया के अलावा अररिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा तथा आसपास के जिलों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। व्यापारियों को नए बाजार मिलेंगे, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की यात्रा आसान होगी तथा गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से एयरपोर्ट परियोजना के सभी कार्यों में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा परियोजना को पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराने का आग्रह किया। सांसद ने कहा कि पूर्णिया एयरपोर्ट सीमांचल के विकास का सपना है और इसे किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाना चाहिए।
















