


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा को साफ रखने की कवायद अब सिर्फ कचरा उठाने और नालों पर रोक लगाने तक सीमित नहीं रहेगी। भागलपुर में जिला गंगा प्लान को वर्ष 2031 के लक्ष्य के अनुरूप तैयार करने की दिशा में प्रशासन ने आज प्रमुख चुनौतियों और मौजूदा व्यवस्थाओं के बीच के अंतर यानी ‘गैप’ का आकलन किया।

नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मंथन किया गया कि गंगा को प्रदूषण से बचाने के साथ-साथ जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, नदी पारिस्थितिकी और गंगा से जुड़े इलाकों के सतत विकास के लिए अगले कुछ वर्षों में किन आधारभूत सुविधाओं की जरूरत होगी। बैठक में सुल्तानगंज को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया। श्रावणी मेला समेत अन्य अवसरों पर यहां अचानक बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की फ्लोटिंग आबादी से कचरा, सीवेज और पानी के प्रबंधन पर पड़ने वाले दबाव को बड़ी चुनौती के रूप में देखा गया। प्रशासन का फोकस ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर रहा, जो सामान्य दिनों के साथ-साथ भीड़ के चरम समय में भी प्रभावी ढंग से काम कर सके।
बैठक में सीवेज और तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ ठोस कचरे के संग्रहण और निस्तारण पर चर्चा हुई। इसके अलावा खेतों, शहरी गतिविधियों और अन्य गैर-बिंदु स्रोतों से गंगा तक पहुंचने वाले प्रदूषण की रोकथाम को भी योजना में शामिल करने पर जोर दिया गया।
जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण को भी जिला गंगा प्लान का अहम हिस्सा बनाने की बात सामने आई। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने माना कि केवल प्रदूषण रोकना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण और नदी के पारिस्थितिक संतुलन पर भी समान रूप से काम करना होगा।
पहले आंकड़े जुटेंगे, फिर बनेगी कार्ययोजना
बैठक में संबंधित विभागों से वर्तमान व्यवस्था का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है। विभागों को उपलब्ध संसाधनों, मौजूदा आधारभूत संरचना, कमियों और वर्ष 2031 तक आवश्यक सुविधाओं से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर कमियों की पहचान कर उनके समाधान की प्राथमिकता तय की जाएगी।
बैठक में GIZ के प्रतिनिधियों के साथ जल संसाधन सलाहकार डॉ. अंजना पंत, सुबोजित राय, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना के सहायक प्राध्यापक रणधीर कुमार, रंजीत कुमार समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उप विकास आयुक्त ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिला गंगा प्लान भागलपुर में गंगा संरक्षण को महज प्रदूषण नियंत्रण की योजना न बनाकर स्वच्छता, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, नदी पारिस्थितिकी और गंगा किनारे बसे क्षेत्रों के समग्र विकास का रोडमैप बनाया जाए।
















