


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सावन मास की अंतिम सोमवारी पर श्री श्री 108 गोनू बाबा धाम मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद दोपहर 3 बजे से डाक बम और श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक शुरू किया। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।

सावन की आखिरी सोमवारी को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा, जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, बेलपत्र अर्पण और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र के जाप से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
गोनू बाबा धाम में अंतिम सोमवारी को लेकर बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा झारखंड, बंगाल और दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने बाबा के दरबार में अपनी-अपनी मनोकामनाएं रखीं और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालुओं ने पंचामृत से बाबा का अभिषेक कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
मंदिर प्रांगण में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। संध्याकाल में महासंयोजन के रूप में महा रुद्राभिषेक, भव्य श्रृंगार पूजन और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण होगा।

बाबा के परम भक्तों सहित सकल ग्रामवासियों ने पूजा-अर्चना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गोनू धाम के पंडित सोनू झा उर्फ सिंगारी बाबा ने बताया कि अंतिम सोमवारी पर बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था रहती है और दूर-दूर से आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाओं के साथ बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
अंतिम सोमवारी पर गोनू बाबा धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि आस्था की राह में दूरी कोई मायने नहीं रखती – बाबा के दरबार तक पहुंचने वाला हर भक्त अपने साथ विश्वास और उम्मीद लेकर आता है।
















