


@ कुछ छात्र मुंह ढककर पहुंचे हॉस्टल, रोकने पहुंची फैकल्टी से भी हुई तनातनी; 15 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (बीसीई) के फर्स्ट ईयर हॉस्टल में शनिवार की रात अचानक माहौल गरमा गया। आरोप है कि रात करीब डेढ़ बजे सेकंड ईयर के कुछ छात्र प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में पहुंच गए। रैगिंग की आशंका से छात्रों में अफरातफरी की स्थिति बन गई। घटना के बाद कुछ छात्र मुंह ढककर हॉस्टल पहुंचते नजर आए, जिससे कैंपस में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ गई।

मामले की सूचना मिलते ही कॉलेज के फैकल्टी सदस्य हॉस्टल पहुंचे। यहां छात्रों और फैकल्टी के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, रैगिंग रोकने के दौरान कुछ छात्र वहां से भागने लगे और इसी दौरान चोट लगने की बात सामने आई।
मारपीट के आरोप पर प्राचार्य ने दी सफाई:
घटना के बाद फैकल्टी पर छात्रों के साथ मारपीट के आरोप भी लगाए गए। हालांकि, कॉलेज के प्राचार्य ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि रैगिंग की शिकायत मिलने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई थी।
फिलहाल घटना के हर पहलू को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने मामले को केवल मौखिक आरोपों तक सीमित न रखते हुए इसकी विस्तृत जांच कराने का फैसला किया है।
अब CCTV खोलेगा रात के घटनाक्रम की परतें:
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य ने 15 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी छात्रों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ हॉस्टल और कैंपस में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी। घटनाक्रम के दौरान कौन-कहां मौजूद था और वास्तव में क्या हुआ, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्टल की सुरक्षा पर भी उठे सवाल:
रैगिंग के आरोप के बाद कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सक्रियता बढ़ा दी है। प्राचार्य ने एसएसपी से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की है।

फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि शनिवार की रात फर्स्ट ईयर हॉस्टल में वास्तव में क्या हुआ था। रात के डेढ़ बजे हॉस्टल में छात्रों के पहुंचने से लेकर कथित चोट और फैकल्टी पर लगे आरोपों तक – जांच कमेटी की रिपोर्ट ही घटनाक्रम की तस्वीर साफ करेगी।















