


@ भागलपुर में दर्दनाक हादसा: दखली घाट पर गंगा स्नान के दौरान तीन बच्चियों की डूबने से मौत, चार घंटे की मशक्कत के बाद निकाले गए शव।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रक्षाबंधन की खुशियों से ठीक पहले एक परिवार ही नहीं, पूरा गांव मातम में डूब गया। भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही तीन बच्चियां शुक्रवार को गंगा स्नान के दौरान काल के गाल में समा गईं। एक बच्ची गहरे पानी में डूबने लगी तो उसे बचाने के लिए दूसरी पानी में उतरी और फिर तीसरी भी मदद के लिए आगे बढ़ गई। देखते ही देखते तीनों बच्चियां गंगा की गहराई में समा गईं।

दर्दनाक हादसा पीरपैंती थाना क्षेत्र के ओनलीटोला के पास स्थित दखली घाट पर शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे हुआ। मृत बच्चियों की पहचान ओनलीटोला निवासी मुन्ना पासवान की बेटियों चंदा कुमारी (15) और करिश्मा कुमारी (17) तथा कुशापुर गांव निवासी अरविंद पासवान की बेटी अभिलाषा कुमारी (10) के रूप में हुई है।
एक को बचाने की कोशिश में तीनों ने गंवाई जान:
ग्रामीणों के अनुसार, तीनों बच्चियां गंगा स्नान के लिए घर से निकली थीं। नहाने के दौरान चंदा अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए अभिलाषा भी गहरे पानी में उतर गई। दोनों को मुश्किल में देखकर करिश्मा भी उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के आगे तीनों की कोशिश नाकाम हो गई। कुछ ही पलों में तीनों बच्चियां गंगा में डूब गईं। जिस घाट से वे स्नान के लिए निकली थीं, वहीं से उनके घरों में चीख-पुकार की खबर पहुंची।
घर नहीं लौटीं तो घाट पहुंचे परिजन:
जब काफी देर तक तीनों बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजन उन्हें खोजते हुए दखली घाट पहुंचे। वहां बच्चियों के कपड़े और चप्पलें देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अनहोनी की आशंका में ग्रामीणों को सूचना दी गई। इसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नदी में बच्चियों की तलाश में जुट गए।
करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक कर तीनों बच्चियों के शव नदी से बाहर निकाले गए। शव मिलते ही घाट पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रक्षाबंधन से पहले जिस घर में त्योहार की तैयारियां होनी थीं, वहां मातम पसर गया।
एक बच्ची एक दिन पहले ही आई थी ननिहाल:
अभिलाषा कुमारी के माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। बताया गया कि वह एक दिन पहले ही अपने मामा के साथ ननिहाल आई थी। परिवार को क्या पता था कि ननिहाल आने के अगले ही दिन मासूम की जिंदगी का अंत हो जाएगा।
मौके पर पहुंचे अधिकारी:
घटना की सूचना मिलते ही बीडीओ अभिमन्यु कुमार, सीओ चंद्रशेखर, पीरपैंती थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत, सब इंस्पेक्टर संगम कुमारी समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। तीनों बच्चियों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मायागंज अस्पताल भेज दिया गया है। रक्षाबंधन से पहले हुई इस त्रासदी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। जिन हाथों में भाई की कलाई पर राखी सजनी थी, वे हाथ अब हमेशा के लिए शांत हो गए। एक-दूसरे को बचाने की मासूम कोशिश में तीन जिंदगियां चली गईं और पीछे छोड़ गईं परिवारों के लिए ऐसा दर्द, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

















