


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रक्षाबंधन का दिन था। घर से निकलते वक्त बहन के हाथ में राखी थी और मन में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने की खुशी। लेकिन रास्ते में विक्रमशिला सेतु का महाजाम ऐसा फंसा कि सुबह की उम्मीद शाम तक इंतजार में बदल गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस भावुक पंक्ति – ‘रक्षा सूत्र लेकर सुबह निकली बहन, विक्रमशिला सेतु के महाजाम में शाम तक अटकी रही… भाई की कलाई इंतज़ार करती रही!’ ने भागलपुर की यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर लोगों का ध्यान खींचा है।
राखी लेकर निकलीं बहनें, रास्ते ने रोक दी रफ्तार
रक्षाबंधन पर दूर-दराज से अपने मायके या भाइयों के घर पहुंचने वाली महिलाओं के लिए यह दिन खास होता है। कई बहनें सुबह-सुबह घर से निकलती हैं ताकि समय पर भाई की कलाई पर राखी बांध सकें। लेकिन विक्रमशिला सेतु और इसके आसपास लगे लंबे जाम ने कई यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
जाम में फंसे लोगों के लिए दूरी अचानक कई गुना लंबी महसूस होने लगी। वाहन आगे बढ़ने के बजाय लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहे। गर्मी, भीड़ और लगातार रुकती गाड़ियों के बीच यात्रियों की बेचैनी बढ़ती गई।
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं से जुड़ा दिन है। ऐसे में जब बहन रास्ते में फंस जाए और भाई घर पर राखी का इंतजार करता रहे, तो कुछ घंटे भी बेहद लंबे लगने लगते हैं।
किसी बहन के हाथ में राखी थी तो किसी के पास मिठाई का डिब्बा। मंजिल ज्यादा दूर नहीं थी, लेकिन जाम ने रास्ते को मुश्किल बना दिया। कई यात्रियों के लिए यह सफर महज यात्रा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक परीक्षा बन गया।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को गंगा के पार के इलाकों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पुल पर यातायात का दबाव बढ़ने के बाद जाम का असर केवल पुल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दोनों तरफ कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग सकती है।
त्योहारों के दौरान वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में पुल पर थोड़ी देर की रुकावट भी देखते-देखते बड़े जाम में बदल सकती है।

इसी परेशानी को एक भावुक अंदाज में सोशल मीडिया पर साझा किया गया। पोस्ट की लाइन – ‘रक्षा सूत्र लेकर सुबह निकली बहन… भाई की कलाई इंतज़ार करती रही’ ने लोगों को भावुक कर दिया।
पोस्ट के जरिए एक तरफ भाई-बहन के रिश्ते की भावनाएं सामने आईं, तो दूसरी तरफ त्योहार के दिन भी यात्रियों को जाम से जूझने की समस्या पर सवाल खड़े हुए। लोगों का कहना है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर प्रमुख पुलों एवं संपर्क मार्गों पर यातायात प्रबंधन, ट्रैफिक डायवर्जन और निगरानी को पहले से मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि किसी को जरूरी यात्रा के लिए घंटों सड़क पर न फंसना पड़े।
एक ओर भाई की कलाई राखी के इंतजार में थी, दूसरी ओर बहन के हाथ में बंधी राखी रास्ता खुलने का इंतजार कर रही थी।
















