


रात में सोने के दौरान जहरीले सांप ने हाथ में डसा, करीब पांच घंटे बाद दिखे सर्पदंश के लक्षण; इमरजेंसी में उपचार कर चिकित्सकों ने संभाली स्थिति
नवगछिया। नवगछिया पुलिस जिला के खरीक थाना क्षेत्र में बीती रात सोने के दौरान जहरीले सांप के डसने से एक महिला घायल हो गई। सांप के डसने के बाद महिला की नींद खुल गई और उसने शोर मचाया। महिला की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और बिना देर किए उसे इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों और इमरजेंसी टीम की तत्परता से महिला की जान बचा ली गई।

घायल महिला की पहचान खरीक थाना क्षेत्र के करहट गांव निवासी समीना खातून, उम्र करीब 35 वर्ष, पति मोहम्मद बीको के रूप में हुई है। बताया गया कि रात करीब 4 बजे महिला सो रही थी। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसके हाथ में डस लिया। सांप के काटने के बाद महिला की नींद खुली और उसने शोर मचाकर परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी।
परिजन तत्काल महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे। करीब 4:30 बजे उसे नवगछिया अनुमंडल अस्पताल लाया गया, जहां इमरजेंसी में तत्काल उसका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों की टीम ने महिला की स्थिति पर लगातार नजर रखी और आवश्यक उपचार शुरू किया।
करीब पांच घंटे बाद शरीर में दिखे सर्पदंश के लक्षण
अस्पताल पहुंचने के बाद महिला का इलाज लगातार जारी रहा। करीब पांच घंटे बाद उसके शरीर में सर्पदंश से संबंधित लक्षण दिखाई देने लगे। इसके बाद चिकित्सकों ने तत्काल आवश्यक उपचार शुरू किया और लगातार वैक्सीन की डोज दी गई। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर डॉ. हैम्पर एवं उनकी टीम ने तत्परता से महिला का उपचार किया और उसकी स्थिति को नियंत्रित किया।
चिकित्सकों की तत्परता से टली अनहोनी
अस्पताल में समय पर उपचार शुरू होने और चिकित्सकों की लगातार निगरानी के कारण महिला की स्थिति में सुधार हुआ। चिकित्सा कर्मियों के अनुसार फिलहाल महिला खतरे से बाहर है और उसका इलाज अनुमंडल अस्पताल में जारी है।
महिला के परिजनों ने समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा चिकित्सकों एवं अस्पताल की टीम द्वारा तत्परता से इलाज किए जाने पर आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि सर्पदंश के बाद वे घबराए हुए थे, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया, जिससे महिला की जान बच सकी।

घटना के बाद चिकित्सकों ने सर्पदंश के मामलों में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से सर्पदंश के गंभीर प्रभावों से बचाव में मदद मिल सकती है।
















