


पति की मौत के बाद पक्के मकान में अकेली रहती थीं शांति देवी, दोनों बेटियां ससुराल में; बंद ग्रिल काटकर घर में घुसे परिजन, बिस्तर पर सड़ा-गला मिला शव
नवगछिया। नवगछिया थाना क्षेत्र के श्रीपुर आजाद टोला में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब 75 वर्षीय वृद्ध महिला शांति देवी का शव उनके घर के अंदर करीब आठ दिनों तक पड़ा मिला। घर से तेज दुर्गंध आने के बाद आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और मृतका की दोनों बेटियों को इसकी सूचना दी गई। बेटियों के पहुंचने के बाद बंद ग्रिल को काटकर घर खोला गया, जहां बिस्तर पर शांति देवी का शव पड़ा मिला। कई दिनों तक शव पड़े रहने के कारण उसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी।

मृतका की पहचान श्रीपुर आजाद टोला निवासी शांति देवी (75), पति स्वर्गीय गुरुदेव पोद्दार के रूप में हुई है। उनके पति मदन अहिल्या कॉलेज, नवगछिया में किरानी के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2020 में उनके पति का निधन हो गया था। इसके बाद से शांति देवी अपने पक्के मकान में अकेली रह रही थीं।
तीन कट्ठा जमीन पर बने मकान में रहती थीं अकेली
ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन कट्ठा जमीन पर शांति देवी का पक्का मकान बना हुआ था। पति की मृत्यु के बाद वह इसी मकान में अकेले जीवन व्यतीत कर रही थीं। उनकी दो बेटियां ज्योति कुमारी और जूली कुमारी हैं। दोनों की शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने ससुराल में रहती हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि शांति देवी स्वभाव से कुछ तेज आवाज में बातचीत करती थीं। इस कारण गांव के लोग उनसे बहुत अधिक घुलते-मिलते नहीं थे। हालांकि समाज के कुछ लोग समय-समय पर उनके घर पहुंचकर हालचाल लेते थे।
जन्माष्टमी से पहले बेटी से हुई थी आखिरी बातचीत
परिजनों के अनुसार जन्माष्टमी से कुछ दिन पहले शांति देवी की अपनी बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी तबीयत ठीक नहीं होने की बात बताई थी। उन्होंने यह भी बताया था कि वह आंख दिखाने के लिए नवगछिया गई थीं। इसके बाद परिजनों से उनकी बातचीत नहीं हो सकी।
ग्रामीणों के अनुसार जन्माष्टमी के आसपास से ही शांति देवी के घर का दरवाजा बंद था। घर के अंदर पंखा चलता हुआ दिखाई दे रहा था, इसलिए आसपास के लोगों को तत्काल किसी अनहोनी का अंदाजा नहीं हुआ।
दुर्गंध फैलने पर ग्रामीणों को हुई आशंका
करीब आठ दिनों तक घर के अंदर शव पड़ा रहा। गुरुवार को जब घर के आसपास तेज दुर्गंध फैलने लगी तो ग्रामीणों को संदेह हुआ। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग शांति देवी के घर के सामने जुट गए। ग्रामीणों ने उनके परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही दोनों बेटियां ज्योति कुमारी और जूली कुमारी अपने ससुराल से मौके पर पहुंचीं। घर का मुख्य ग्रिल बंद था। इसके बाद ग्रिल को काटकर परिजन और ग्रामीण घर के अंदर दाखिल हुए। अंदर बिस्तर पर शांति देवी का शव पड़ा था। शव की स्थिति देखकर परिजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए। कई दिनों तक पड़े रहने के कारण शव सड़-गल चुका था।
फिलहाल प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि कई दिनों तक शव घर के अंदर पड़े रहने के कारण उसकी स्थिति बेहद खराब हो गई थी। मौत के वास्तविक कारण को लेकर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घर के सामने जुटे सैकड़ों लोग
शांति देवी की मौत की खबर फैलते ही श्रीपुर आजाद टोला में बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर के सामने जुट गए। पति की मृत्यु के बाद वर्षों से अकेले रह रही वृद्धा की इस तरह मौत और करीब आठ दिनों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं होने की घटना से ग्रामीणों में दुख और चर्चा का माहौल है।
घटना ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और उनके नियमित हालचाल लेने की आवश्यकता को भी सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास रहने वाले लोगों को अकेले रहने वाले बुजुर्गों की समय-समय पर जानकारी लेते रहना चाहिए, ताकि किसी आपात स्थिति में उन्हें समय पर सहायता मिल सके।
















