


गुरुवार को भजन संध्या ने बांधा समां, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने जीता श्रद्धालुओं का दिल
शुक्रवार को हवन के बाद निकलेगा भगवान गणेश का भव्य नगर भ्रमण, मटकी फोड़ कार्यक्रम के बाद होगी प्रतिमा की विदाई
नवगछिया। नवगछिया नगर गणेश सेवा समिति की ओर से आयोजित पांच दिवसीय गणेशोत्सव अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। गुरुवार को आयोजित शिव चर्चा एवं भजन संध्या में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान गणेश की आराधना के बीच शिव-पार्वती के भजनों और मंगल गीतों ने पूजा स्थल के वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

शिव चर्चा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के जीवन, भक्ति और धार्मिक महत्व से जुड़े प्रसंगों को सुना। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति रही। श्रेया और शश्विका ने शिव-पार्वती के भजन पर सुंदर प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। बच्चों की प्रस्तुति के दौरान पूजा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं अनुश्री शर्मा ने मंगल गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में भक्ति और उत्सव का रंग और गहरा कर दिया।

बच्चों की प्रतिभा को देखकर उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम में शामिल कलाकारों को सम्मानित भी किया गया। समिति के सदस्यों ने कहा कि धार्मिक आयोजन के साथ बच्चों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना भी गणेशोत्सव का महत्वपूर्ण उद्देश्य है, ताकि नई पीढ़ी अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ सके।
108 दूर्वा की 108 बंधन वाली माला अर्पित
गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना भी की गई। बुधवार को भगवान गणेश को 108 पीस दूर्वा से तैयार 108 बंधन वाली माला अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की पूजा कर परिवार और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके बाद 56 भोग और महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा पूजा परिसर गूंज उठा।
गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ है पांच दिवसीय आयोजन
नवगछिया नगर गणेश सेवा समिति की ओर से गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को गणपति भगवान की प्रतिमा स्थापित कर पांच दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ किया गया था। पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। भगवान गणेश की प्रतिमा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।
उत्सव के दौरान पूजा एवं कथा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद महाआरती, दूर्वा अर्पण, 56 भोग, शिव चर्चा और भजन संध्या सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रत्येक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही।
शुक्रवार को हवन के बाद निकलेगा भव्य नगर भ्रमण
गणेशोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह हवन का आयोजन किया जाएगा। हवन के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को नगर भ्रमण के लिए निकाला जाएगा। नगर भ्रमण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। गणपति बप्पा के जयकारों, भक्ति गीतों और धार्मिक उत्साह के बीच भगवान गणेश की प्रतिमा को नगर के विभिन्न मार्गों से ले जाया जाएगा।
नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। मटकी फोड़ कार्यक्रम में युवाओं एवं श्रद्धालुओं की भागीदारी उत्सव के अंतिम दिन को और खास बनाएगी। धार्मिक उल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा।
विसर्जन को लेकर समिति ने पूरी की तैयारी
अंतिम दिन होने वाले नगर भ्रमण और विसर्जन कार्यक्रम को लेकर गणेश सेवा समिति की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नगर भ्रमण और विसर्जन के दौरान अनुशासन बनाए रखें तथा शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल हों। समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
आयोजन में समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका
पूरे गणेशोत्सव को सफल बनाने में गणेश सेवा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य पुजारी अमर बाबा के मार्गदर्शन में पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। आयोजन की व्यवस्था में टिल्लू चिरानिया, दिनेश केडिया, अमित चिरानिया, श्रीधर कुमार, गोलू चिरानिया, रमेश केडिया, शिवम केडिया, रवि बग्गा, शर्मा, शंभू चिरानिया समेत समिति के अन्य सदस्य सक्रिय रहे।
समिति के सदस्यों ने बताया कि पांच दिनों तक चले गणेशोत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान गणेश की भक्ति से जोड़ने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाना है। अंतिम दिन हवन, नगर भ्रमण, मटकी फोड़ और विसर्जन के साथ इस वर्ष के गणेशोत्सव का समापन होगा।
















