



भागलपुर। अपसंस्कृति के विरुद्ध जनजागरण, रंगकर्म, लोककला और राष्ट्रीय एकता को समर्पित रंगग्राम जन सांस्कृतिक मंच, भागलपुर द्वारा आयोजित होने वाले भागलपुर रंग महोत्सव 2025 की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। कला केंद्र, लाजपत पार्क, भागलपुर में 20 दिसंबर से 22 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव को लेकर 30 नवंबर 2025 को कला केंद्र के प्रांगण में आयोजन समिति की समीक्षा बैठक हुई।

बैठक की अध्यक्षता समिति के वरीय सदस्य डॉ. योगेन्द्र ने की। इसी दौरान महोत्सव की विवरणिका (ब्रोशर) का लोकार्पण भी किया गया। रंग महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष भागलपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय कलाकारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी प्रस्तुतियाँ तीनों दिन मंच पर होंगी और साथ ही रंग जुलूस में भी शामिल की जाएंगी।
सदस्यों ने बताया कि अपसंस्कृति के विरुद्ध चल रहे इस सांस्कृतिक अभियान में देश के नौ राज्यों के कलाकार भाग लेने के लिए तैयार हैं। महोत्सव जनसहयोग से आयोजित किया जा रहा है और दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. योगेन्द्र ने कहा कि यह महोत्सव 2012 से लगातार आयोजित होता आ रहा है। लोग वर्षभर विविध मनोरंजन का आनंद लेते हैं, परन्तु यह महोत्सव साहित्यिक, सांस्कृतिक व मानवीय संवेदनाओं को जागृत करने का माध्यम बनता है। इस वर्ष भी विभिन्न भारतीय भाषाओं में सामाजिक सरोकार पर आधारित नाटकों का मंचन किया जाएगा, जिसका साक्षी भागलपुर बनेगा। उन्होंने पूर्व की भाँति सभी से सहयोग की अपील की ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
बैठक में महबूब आलम, जयंत जलद, मृदुला सिंह, सीतांशु अरुण, उमा घोष, अलका सिंह, देवाशीष बनर्जी, तरुण किरण, सार्थक भारत, मो. तकी अहमद जावेद, अरविंद कुमार बिट्टू, गौतम कुमार, निपुण कुमार, सत्येन भास्कर, राजेश कुमार झा, निखिल पाण्डेय, नीना प्रसाद, उदय चटर्जी, सुनील कुमार रंग, पंकज सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का संचालन कार्यक्रम निदेशक कपिल देव रंग ने किया।














