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@ अवैध कनेक्शन से लेकर मीटर बायपास तक खुली चोरी की पोल, विभाग ने आंकी 9.20 लाख की राजस्व क्षति।

प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिजली का कनेक्शन काट दिया गया, बकाया बिल भी जमा नहीं हुआ, लेकिन घर और मोटर में बिजली फिर भी दौड़ती रही। कहलगांव अनुमंडल स्थित रसलपुर थाना क्षेत्र में विद्युत विभाग की लगातार दो दिनों की छापेमारी में बिजली चोरी के ऐसे ही मामले सामने आए हैं। 28 और 29 अगस्त को हुई कार्रवाई में नौ लोगों को बिजली चोरी करते पकड़ा गया। विद्युत विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्राथमिकी के लिए रसलपुर थाने में आवेदन दिया है। विभाग के मुताबिक नौ मामलों में कुल 9 लाख 20 हजार 57 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया गया है।
28 अगस्त को एकचारी के पूरब टोला में विभागीय टीम पहुंची तो कई परिसरों में बिजली चोरी का मामला सामने आया। होरील साह के परिसर में अवैध कनेक्शन से बिजली का उपयोग पकड़ा गया। विभाग ने 3 लाख 40 हजार 627 रुपये की क्षति निर्धारित की। शिवनंदन साह पर 2 लाख 74 हजार 480 रुपये और राजीव कुमार साह पर 63 हजार 498 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया गया। वहीं उमाशंकर पंडित के औद्योगिक परिसर में मामला और गंभीर मिला। यहां मीटर को बायपास कर तीन एचपी की मोटर चलाते हुए पकड़ा गया। इस मामले में विभाग ने 2 लाख 31 हजार 752 रुपये की क्षति निर्धारित की।


29 अगस्त को चन्नो पंचायत के वार्ड नंबर सात में हुई छापेमारी में बिजली चोरी का दूसरा पैटर्न सामने आया। राजीव यादव, सुनील यादव, अंशो यादव, रूजो यादव और छटटू यादव के परिसरों में बिजली का उपयोग पकड़ा गया। इन सभी पर 10-10 हजार रुपये की राजस्व क्षति निर्धारित की गई है। विभाग के अनुसार इन उपभोक्ताओं पर पहले से बिजली बिल बकाया था और कनेक्शन काटे जाने के बावजूद बकाया जमा किए बिना बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन पांचों पर पूर्व से कुल 1 लाख 43 हजार 883 रुपये बिजली बिल भी बकाया बताया गया है।
छापेमारी के दौरान बिजली चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे तार के कुछ हिस्सों को काटकर जब्त किया गया। विभाग ने जांच प्रतिवेदन और जब्ती सूची के साथ पुलिस को आवेदन सौंपा है। कनीय विद्युत अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जांच के दौरान अवैध कनेक्शन और मीटर बायपास कर बिजली इस्तेमाल करने के मामले सामने आए हैं। आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 135 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दो दिनों की कार्रवाई में सामने आए नौ मामलों में विभाग ने कुल 9,20,057 रुपये की राजस्व क्षति निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त पांच उपभोक्ताओं पर पहले से 1,43,883 रुपये का बिजली बिल बकाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बताई गई राजस्व क्षति में कम्पाउंडिंग की राशि शामिल नहीं है।

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