


नवगछिया: रंगरा स्थित तेजनारायण उच्च विद्यालय परिसर में डिग्री कॉलेज के स्थानांतरण के विरोध में चल रहा आमरण अनशन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अनशन पर बैठे आशुतोष सिंह, अनुज चौरसिया और मृदुल शर्मा की तबीयत बिगड़ने लगी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंगरा के चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। जांच में तीनों का रक्तचाप सामान्य से कम पाया गया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि डिग्री कॉलेज को विनोबा भावे महाविद्यालय स्थानांतरित करने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसी मांग को लेकर छात्र, अभिभावक और ग्रामीण लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर समर्थन दिया, जबकि छात्राओं ने भी कॉलेज को रंगरा में ही संचालित करने की मांग दोहराई।

अनशनकारी आशुतोष सिंह ने कहा कि आंदोलन से पहले मशाल जुलूस, पुतला दहन, आक्रोश मार्च और हस्ताक्षर अभियान जैसे कई चरणबद्ध कार्यक्रम चलाए गए, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण आदेश वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अनुज चौरसिया ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कॉलेज का स्थानांतरण कर क्षेत्र के छात्रों और आम जनता के साथ अन्याय किया गया है। वहीं मृदुल शर्मा ने कहा कि जिस स्थान पर कॉलेज स्थानांतरित किया गया है, वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है, जहां लंबे समय तक जलजमाव रहता है और नियमित रूप से कॉलेज संचालन में कठिनाई होगी।
आंदोलनकारियों ने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और स्थानीय विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल से स्थानांतरण आदेश तत्काल रद्द कर कॉलेज को रंगरा में ही संचालित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अनशन स्थल पर सैकड़ों ग्रामीण, छात्र-छात्राएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
















