


घर सोलर और खेतों तक पहुंचेगी स्वच्छ बिजली
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई दिल्ली में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) को लेकर केंद्र सरकार के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में बिहार के लिए सोलर ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, कृषि फीडरों के सौरकरण और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में ऊर्जा मंत्री बिहार सरकार शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद वेंकटेश जोशी तथा केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ बिहार की महत्वाकांक्षी ऊर्जा योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए हरसंभव केंद्रीय सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक की प्रमुख उपलब्धियों में ₹2,128 करोड़ की ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना शामिल रही, जिसके माध्यम से जमुई, बांका, लखीसराय, औरंगाबाद और कैमूर से 3,305 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी संचरण की योजना बनाई गई है।
इसके अलावा पीएम सूर्य घर योजना के तहत पहले चरण में कुटीर ज्योति योजना के 10 लाख उपभोक्ताओं के घरों पर ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को स्वच्छ और सस्ती बिजली का लाभ मिल सके।
बैठक में औरंगाबाद स्थित 150 मेगावाट क्षमता वाले SECI सोलर पार्क के शीघ्र क्रियान्वयन, पीएम-कुसुम योजना (चरण-II) के तहत राज्य के 1,000 कृषि फीडरों के सौरकरण तथा बिहार की ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
इन पहलों का उद्देश्य बिहार को स्वच्छ, आधुनिक और आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करना है। यदि प्रस्तावित योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं, तो आने वाले वर्षों में राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।
बैठक में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के सचिव संतोष कुमार सारंगी तथा बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) अजय यादव (भा.प्र.से.) भी उपस्थित रहे।
















