


नवगछिया। विश्व हिंदू परिषद जिला नवगछिया की आवश्यक बैठक जिलाध्यक्ष प्रवीण भगत की अध्यक्षता में उनके आवास पर आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई तथा संगठन की ओर से जनजागरण और कानूनी स्तर पर कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ मिशनरियों द्वारा कथित रूप से प्रलोभन देकर तथा हिंदू देवी-देवताओं के प्रति भ्रामक और आपत्तिजनक प्रचार के माध्यम से धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा है। विहिप सदस्यों ने ऐसे प्रयासों की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी आस्था मानने और धर्म का प्रचार करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन लालच, भय, दबाव या धोखे के माध्यम से धर्मांतरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संगठन मंत्री गगन ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ युवकों को विदेश से फंडिंग मिलने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की जानकारी सामने आई है। बैठक में ऐसे मामलों की जांच कराने और तथ्य सामने आने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। इसके अलावा ईसाई धर्म अपनाने के बावजूद आरक्षण का कथित रूप से अनुचित लाभ लेने के मामलों की भी जांच कराने पर चर्चा हुई।
जिलाध्यक्ष प्रवीण भगत ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद किसी के धार्मिक अधिकार का विरोध नहीं करता और सभी धर्मों का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि किसी समाज को अपमानित कर, भय, लालच, दबाव या धोखे के माध्यम से धर्मांतरण कराने के प्रयास का संगठन लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा संगठन अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं के संरक्षण के लिए कार्य करता रहेगा।
बैठक में धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने तथा लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 8 सितंबर 2026 को टिनटेंगा करारी में विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में आगे की रणनीति तैयार करने तथा क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाने पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष मुक्तिनाथ सिंह निषाद, पूर्व जिला महामंत्री मनोज कुमार पाण्डेय, जिला मंत्री बासुकी मंडल, श्रीकांत यादव, कुणाल गुप्ता, दीपक भगत, बिजेंद्र शर्मा, रंजीत झा, सुभाष चौधरी, लक्षण साहू, राजकिशोर आर्य सहित अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।















