


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा इस बार धीरे-धीरे नहीं, बल्कि घंटों के हिसाब से अपनी चाल बदल रही है। मंगलवार रात 10 बजे भागलपुर गेज पर 31.88 मीटर रही नदी बुधवार सुबह छह बजे 31.99 मीटर पर पहुंच गई। यानी महज आठ घंटे में 11 सेंटीमीटर की छलांग। पानी की यह रफ्तार अब सिर्फ गंगा किनारे रहने वालों के लिए चिंता नहीं, बल्कि दियारा के खेतों और फसलों के लिए भी खतरे की घंटी बन गई है।
खास बात यह है कि नदी अभी खतरे के निशान से 1.69 मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की रफ्तार करीब डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे दर्ज की जा रही है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अगले एक सप्ताह तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने का अनुमान जताया है।

खतरे के निशान से ज्यादा दूर नहीं गंगा:
भागलपुर में गंगा का डेंजर लेवल 33.68 मीटर है। बुधवार सुबह नदी 31.99 मीटर पर बह रही थी। यानी खतरे की रेखा अब करीब 1.69 मीटर दूर है। वहीं अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर यानी HFL 34.86 मीटर रहा है।
खेतों में पहुंचा पानी, किसानों की धड़कन बढ़ी:
गंगा का पानी बढ़ने के साथ सबसे पहले मार किसानों पर पड़ रही है। निचले इलाकों और दियारा में पानी फैलने से मक्का, सब्जी और खरीफ की दूसरी फसलों पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है।किसान अब फसल बचाने से लेकर मवेशियों के चारे तक की चिंता में हैं। कई परिवार घरेलू सामान और जरूरी चीजें ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।
बक्सर से कहलगांव तक एक ही कहान – ऊपर चढ़ती गंगा:
गंगा का बढ़ता दबाव सिर्फ भागलपुर तक सीमित नहीं है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में अलग-अलग स्थानों पर नदी के जलस्तर में तेज वृद्धि दर्ज की गई है-
बक्सर: 1.04 मीटर, मुंगेर: 48 सेंटीमीटर, भागलपुर: 41 सेंटीमीटर, दीघा घाट, पटना: 42 सेंटीमीटर,गांधी घाट: 33 सेंटीमीटर, हाथीदह: 33 सेंटीमीटर, कहलगांव: 22 सेंटीमीटर।
आयोग ने हाथीदह से कहलगांव तक गंगा के जलस्तर में आगे भी वृद्धि जारी रहने की चेतावनी दी है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी आदित्य प्रकाश के मुताबिक गंगा का जलस्तर फिलहाल लगातार बढ़ रहा है और इसकी गति करीब डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटा है। विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक नदी का उफान बना रह सकता है। इसी को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील इलाकों और तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है।
राघोपुर और बिंदटोली पर खास नजर:
खरीक के राघोपुर और इस्माईलपुर-बिंदटोली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन इलाकों में चेतावनी स्तर क्रमशः 31.80 मीटर और 30.60 मीटर निर्धारित है। विभागीय टीमें संवेदनशील बिंदुओं की लगातार निगरानी कर रही हैं और तटबंधों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
तटबंध सुरक्षित, लेकिन नदी की रफ्तार पर नजर:
अधिकारियों के मुताबिक जिले के सभी प्रमुख तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं। तकनीकी टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। लेकिन इस समय असली सवाल तटबंध से ज्यादा गंगा की रफ्तार है। आठ घंटे में 11 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी और अगले एक सप्ताह तक जारी रहने वाले उफान के अनुमान ने दियारा के लोगों को साफ संदेश दे दिया है – पानी अभी रुका नहीं है, इसलिए खतरा भी टला नहीं है।
















