


कस्तूरबा विद्यालय में लापरवाही का मामला, उल्टी और पेट में जलन की शिकायत के बाद मायागंज रेफर; उपचार के बाद तीनों छात्राएं सुरक्षित
नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा विद्यालय में सोमवार को कथित लापरवाही का मामला सामने आया। विद्यालय परिसर में गिलास में रखे फिनायल को दूध समझकर तीन छात्राओं ने उससे चाय बना ली। चाय पीने के कुछ देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, कक्षा 10वीं की दो और 11वीं की एक छात्रा ने गिलास में रखे पदार्थ को दूध समझ लिया। इसके बाद उन्होंने उसी से चाय तैयार कर ली और उसका सेवन कर लिया। चाय पीने के कुछ देर बाद तीनों छात्राओं को उल्टी होने लगी। इसके साथ ही पेट में जलन और बेचैनी की शिकायत भी सामने आई।

तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया
छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही विद्यालय में मौजूद शिक्षक और वार्डन सक्रिय हुए। तीनों छात्राओं को तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गोपालपुर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तीनों छात्राओं को बेहतर इलाज और निगरानी के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, उपचार के बाद तीनों छात्राओं की स्थिति सामान्य है और वे सुरक्षित हैं। बताया जा रहा है कि इलाज के बाद छात्राएं घर लौट गई हैं।
अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की टीम भी कस्तूरबा विद्यालय पहुंची। अधिकारियों ने विद्यालय की वार्डन और छात्राओं से घटना के संबंध में जानकारी ली। साथ ही विद्यालय में दूध, खाद्य सामग्री, सफाई सामग्री एवं अन्य सामान रखने की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि फिनायल गिलास में किस परिस्थिति में रखा गया था और वह खाद्य सामग्री के बीच या उसके आसपास कैसे पहुंचा। टीम ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए घटना के कारणों की जानकारी जुटाई।
घटना के बाद विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। खाद्य पदार्थ और रसायन जैसी वस्तुओं को अलग-अलग एवं स्पष्ट पहचान के साथ सुरक्षित रखने की व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई जा रही है। अधिकारियों की जांच के बाद ही घटना में वास्तविक लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
















