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पूर्णिया। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं ‘मिसाइल मैन’ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर रविवार को सहयोग प्रांगण, आकाशवाणी रोड, पूर्णिया में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. कलाम के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर मानव सेवा का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सहयोग संस्था के अध्यक्ष डॉ. अजीत ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का संपूर्ण जीवन सादगी, ज्ञान, राष्ट्रसेवा और युवाओं को प्रेरित करने का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई 2015 को शिलांग में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनका निधन हुआ था, लेकिन उनके विचार आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

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डॉ. अजीत ने कहा कि डॉ. कलाम का प्रसिद्ध संदेश, “सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते”, आज भी युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भारत के रक्षा एवं अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. कलाम के योगदान को अविस्मरणीय बताया।

इस अवसर पर सहयोग संस्था के सदस्यों राजीव कुमार एवं अनुपम कुमार ने भी डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत सहयोग संस्था द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया।

इस मौके पर डॉ. अजीत ने बदलते मौसम और आषाढ़ माह में बढ़ने वाली बीमारियों से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस मौसम में तेज धूप, उमस और वर्षा के कारण डिहाइड्रेशन, पेट संबंधी संक्रमण, त्वचा रोग, डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीने, हल्का एवं ताजा भोजन करने, बासी एवं तली-भुनी चीजों से परहेज रखने तथा मच्छरों से बचाव के लिए घरों के आसपास जलजमाव नहीं होने देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि लोगों को इस मौसम में सत्तू, मूंग दाल, छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी एवं मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए तथा पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी एवं मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करने जैसी सावधानियां अपनानी चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में संस्था की ओर से डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के आदर्शों पर चलने तथा सेवा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

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