


24 घंटे में 8 से 12 सेंटीमीटर तक बढ़ा जलस्तर, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी; फिलहाल खतरे के निशान से नीचे सभी नदियां
भागलपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। रविवार सुबह जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार जिले के अधिकांश तटीय क्षेत्रों में गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी किसी भी स्थान पर जलस्तर चेतावनी अथवा खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है और सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार इस्माइलपुर-बिंदटोली स्थित स्पर-07 पर गंगा का जलस्तर 29.38 मीटर दर्ज किया गया है। यहां पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 8 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। नदी का पानी तटबंध के निचले हिस्से तक पहुंच गया है, लेकिन फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं है। विभागीय अभियंता लगातार स्थल निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं राघोपुर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर सबसे अधिक 12 सेंटीमीटर बढ़कर 30.37 मीटर पर पहुंच गया है। काजी कोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध के पिलर तक पानी पहुंच चुका है। इसके बावजूद जल संसाधन विभाग ने तटबंध को पूरी तरह सुरक्षित बताया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
मदरौनी क्षेत्र में गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है और नदी तटबंध से सुरक्षित दूरी पर बह रही है। वहीं चोरहर क्षेत्र में कोसी नदी के जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की मामूली कमी दर्ज की गई है। यहां जलस्तर 30.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। बगजान जमींदारी तटबंध के समीप पानी पहुंचा है, लेकिन विभाग ने स्थिति को सामान्य बताया है।
इधर कहलगांव और बरारी गंगा घाट पर भी जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसका असर धीरे-धीरे निचले शहरी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। प्रशासन ने सभी तटीय क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं। संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ विभागीय टीमों को अलर्ट रखा गया है। संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने गंगा एवं कोसी नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।















