


अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी किडनी मरीजों को बड़ी राहत
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में बुधवार को बहुप्रतीक्षित डायलिसिस सेंटर का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया। सेंटर के शुरू होने से नवगछिया अनुमंडल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किडनी रोगियों को अब डायलिसिस कराने के लिए भागलपुर या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से हजारों मरीजों और उनके परिजनों को समय, धन और अनावश्यक परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
शुरुआती चरण में डायलिसिस सेंटर में तीन बेड की व्यवस्था की गई है, जहां आधुनिक मशीनों के माध्यम से किडनी रोगियों का डायलिसिस किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए भविष्य में इस सेंटर का विस्तार करने की भी योजना बनाई है।

उद्घाटन समारोह के दौरान डीपीएम (जिला कार्यक्रम प्रबंधक) मणिभूषण झा ने कहा कि नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू होना पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अब गंभीर किडनी रोगियों को उपचार के लिए भागलपुर या अन्य शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे मरीजों का आर्थिक बोझ भी कम होगा और समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में तीन बेड से सेवा शुरू की गई है। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो बेड की संख्या बढ़ाकर सात कर दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को डायलिसिस की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि किसी भी मरीज को उपचार के लिए भटकना न पड़े।
डीपीएम मणिभूषण झा ने बताया कि डायलिसिस सेंटर का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। राशन कार्ड अथवा आयुष्मान भारत कार्ड रखने वाले पात्र मरीजों को डायलिसिस की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, जिन मरीजों के पास निर्धारित पात्रता वाले दस्तावेज नहीं होंगे, उनसे प्रति डायलिसिस 1,878 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
सेंटर के उद्घाटन के बाद पहले मरीज मंगल शर्मा का डायलिसिस डॉ. वसंत कुमार की निगरानी में सफलतापूर्वक किया गया। पहले ही दिन मरीज को स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से परिजनों ने भी खुशी जताई और स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डायलिसिस सेंटर शुरू होने से नवगछिया, गोपालपुर, रंगरा, बिहपुर, खरीक, इस्माइलपुर, नारायणपुर सहित अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। अब उन्हें सप्ताह में कई बार डायलिसिस के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनका समय और खर्च दोनों बचेगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में डीसीएम भरत कुमार सिंह, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश कुमार, पीएचसी प्रभारी डॉ. बी. दास, जिला अनुश्रवण पदाधिकारी अंश कुमार, अस्पताल प्रबंधक जितेंद्र कुमार सहित अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस सुविधा को क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में इसका लाभ बड़ी संख्या में मरीजों को मिलेगा।
















