


नवगछिया। इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय, नवगछिया में छात्रों के बीच हुई मारपीट के मामले में नवगछिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुछ दिन पूर्व विद्यालय परिसर में दो छात्र गुटों के बीच हुए विवाद के दौरान मारपीट की घटना में आधा दर्जन छात्र घायल हो गए थे। मामले को लेकर घायल छात्र के पिता रंगरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी प्रवीण कुमार के आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिकी के अनुसार, प्रवीण कुमार ने बताया कि उनका पुत्र रूपेश कुमार इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय, नवगछिया में नौवीं कक्षा का छात्र है। घटना के दिन वह प्रतिदिन की तरह विद्यालय गया था और अपनी सीट पर बैठा हुआ था। इसी दौरान पीछे बैठे एक छात्र ने उसे धक्का दे दिया, जिससे आगे बैठे एक अन्य छात्र को धक्का लग गया। बताया गया कि आगे बैठा छात्र धोबिनिया गांव का रहने वाला है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि धक्का लगने की बात को लेकर उक्त छात्र अपने स्थान से उठकर अपने कुछ साथियों के साथ रूपेश कुमार की पिटाई करने लगा। रूपेश ने उन्हें समझाने का प्रयास किया कि उसने जानबूझकर धक्का नहीं दिया, बल्कि पीछे बैठे छात्र के धक्का देने से ऐसा हुआ है। इसके बावजूद आरोपित छात्र एवं उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट जारी रखी।
मारपीट के दौरान रूपेश कुमार के शोर मचाने पर विद्यालय के कुछ शिक्षक बीच-बचाव के लिए पहुंचे और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में घायल छात्र ने घटना की जानकारी अपने पिता एवं भाई को दी। वहीं दूसरे पक्ष के छात्र ने भी अपने परिजनों को सूचना दी।
प्राथमिकी में विद्यालय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के दौरान विद्यालय की प्राचार्या विनिता राय एवं संबंधित सहायक शिक्षक द्वारा प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया और न ही पुलिस को तत्काल सूचना दी गई। उनका आरोप है कि यदि विद्यालय प्रशासन समय रहते सक्रियता दिखाता तो घटना इतनी गंभीर नहीं होती।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विद्यालय प्रशासन अनुशासन बनाए रखने में विफल रहा है तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस मामले में गंभीर चूक हुई है।
नवगछिया थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।















