


नवगछिया। अंग क्षेत्र की प्रसिद्ध लोककला मंजूषा पेंटिंग एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई है। लोकप्रिय टेलीविजन क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के 18वें सीजन के 9वें एपिसोड में मुंबई के धारावी की रहने वाली रुचिका अहदल राव से नवगछिया और अंग क्षेत्र की लोककला मंजूषा से जुड़ा सवाल पूछा गया। रुचिका ने ऑडियंस पोल की मदद से इस सवाल का सही जवाब देकर 5 लाख रुपये की धनराशि जीत ली।

एसएससी की तैयारी कर रहीं रुचिका ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बीच केबीसी की हॉट सीट तक पहुंचकर अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। खेल के दौरान उन्होंने महज दो लाइफलाइन का इस्तेमाल किया और अपनी समझदारी से 25 लाख रुपये की बड़ी धनराशि अपने नाम की।
केबीसी के दौरान 5 लाख रुपये के 10वें प्रश्न पर रुचिका अटक गईं। सवाल अंग प्रदेश की प्रसिद्ध चित्रकला मंजूषा से संबंधित था। सवाल में पूछा गया था कि अंग प्रदेश की किस चित्रकला का अर्थ ‘बक्सा’ होता है और जिसमें गुलाबी, हरा एवं पीला रंग इस्तेमाल किया जाता है। रुचिका ने ऑडियंस पोल की मदद ली और सही उत्तर ‘मंजूषा’ चुना।
अमिताभ बच्चन ने बताया मंजूषा कला का महत्व
सही उत्तर दिए जाने के बाद कार्यक्रम के होस्ट अमिताभ बच्चन ने भी देशभर के दर्शकों को मंजूषा कला के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंजूषा एक पटचित्र कला है, जिसे मुख्य रूप से बिहुला-विषहरी पूजा के अवसर पर बनाया जाता है।
मंजूषा कला का संबंध अंग क्षेत्र की लोकगाथा बिहुला-विषहरी से जुड़ा हुआ है। इस लोककला में बिहुला, विषहरी तथा लोकगाथा से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को चित्रों के माध्यम से उकेरा जाता है। पारंपरिक रूप से इसमें गुलाबी, हरे और पीले रंगों का विशेष प्रयोग किया जाता है।
राष्ट्रीय मंच पर मंजूषा का जिक्र होने से नवगछिया और अंग क्षेत्र के लोगों में भी खुशी का माहौल है। खासकर मंजूषा कलाकारों और इस लोककला से जुड़े लोगों के लिए यह गौरव का क्षण है। देश के सबसे लोकप्रिय क्विज शो में मंजूषा से जुड़े सवाल के आने और उसके बाद अमिताभ बच्चन द्वारा इस लोककला की जानकारी दिए जाने से अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय दर्शकों के सामने एक बार फिर स्थान मिला है।
नवगछिया की धरती और बेटी बिहुला की अमर लोकगाथा से जुड़ी मंजूषा कला लंबे समय से अंग संस्कृति की विशिष्ट पहचान रही है। केबीसी जैसे राष्ट्रीय मंच पर इसका उल्लेख होना इस लोककला की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक महत्व को देशभर तक पहुंचाने वाला अवसर माना जा रहा है।
















