


24 घंटे में नवगछिया पुलिस ने किया खुलासा
नवगछिया पुलिस ने अपहरण एवं हत्या के सनसनीखेज मामले का महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन करते हुए महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए हत्या में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। मामले में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने बताया कि 6 अगस्त 2026 को कमलेश्वरी मिस्त्री ने नवगछिया थाना में आवेदन देकर सूचना दी थी कि उनका पुत्र उमेश शर्मा अपनी पत्नी के साथ डॉक्टर को दिखाने नवगछिया बाजार गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। इस आवेदन के आधार पर नवगछिया थाना कांड संख्या-316/26, धारा 137(2), 140(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मानवीय सूचना एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी अनिता देवी (निवासी खरीक थाना क्षेत्र), सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के घोरघट निवासी मो. सोहेल (पिता- मो. मुस्ताक) तथा विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के साहेबगंज निवासी मो. इरफान (पिता- मो. अजीज) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अनिता देवी का पंकज शर्मा के साथ पिछले लगभग पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। मृतक उमेश शर्मा इस संबंध का लगातार विरोध करता था। इसी कारण अनिता देवी और उसके प्रेमी पंकज शर्मा ने मिलकर उमेश शर्मा की हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत 5 अगस्त को पंकज शर्मा हैदराबाद से हवाई जहाज द्वारा पूर्णिया एयरपोर्ट पहुंचा, जहां पहले से मौजूद मो. सोहेल एवं मो. इरफान उससे मिले। इसके बाद तीनों पंकज शर्मा की स्कॉर्पियो से नवगछिया स्टेशन पहुंचे। वहां अनिता देवी अपने पति उमेश शर्मा और पुत्र के साथ पहले से मौजूद थी।
पुलिस के अनुसार पंकज शर्मा ने किसी आवश्यक कार्य का बहाना बनाकर उमेश शर्मा को अपनी स्कॉर्पियो में बैठाया और कुर्सेला की ओर ले गया। रास्ते में वाहन के भीतर ही उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को बरारी के समीप कारी कोसी नदी में फेंक दिया गया।
बाद में कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोसी नदी के मलकाइन घाट से शव बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है तथा मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
















