


पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर निकलवाई थीं आंखें
प्रेम प्रसंग में मजदूर कृष्ण कुमार की हत्या का खुलासा, पत्नी, प्रेमी और शूटर गिरफ्तार
नवगछिया पुलिस जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत गनौल गांव में मजदूर कृष्ण कुमार की हत्या की गुत्थी नवगछिया पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी, उसके कथित प्रेमी नीतीश कुमार उर्फ बिल्ला यादव तथा राधेश्याम कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम प्रसंग के चलते तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम देने के बाद शव को बांस की झाड़ी में फंदे से लटकाकर आ त्मह त्या का रूप देने की कोशिश की।

नवगछिया के एसडीपीओ अनिकेत अमर ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 13 जुलाई 2026 को भवानीपुर थाना क्षेत्र के गनौल गांव में बांस की झाड़ी से एक व्यक्ति का शव फंदे से लटका हुआ बरामद हुआ था। मृतक की पहचान कृष्ण कुमार के रूप में हुई थी। सूचना मिलते ही भवानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम की सहायता से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए।
मृतक के परिजनों के आवेदन पर भवानीपुर थाना कांड संख्या-173/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, नवगछिया ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन कर शीघ्र खुलासे का निर्देश दिया।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, वैज्ञानिक जांच, मानवीय आसूचना तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अनुसंधान आगे बढ़ाया। जांच के दौरान संदेह की सुई मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी और उसके कथित प्रेमी नीतीश कुमार की ओर गई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लक्ष्मी देवी, नीतीश कुमार उर्फ बिल्ला यादव तथा राधेश्याम कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपी नीतीश कुमार ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसका मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी के साथ प्रेम संबंध था। दोनों के बीच संबंधों में कृष्ण कुमार बाधा बन रहा था। इसी कारण लक्ष्मी देवी, नीतीश कुमार और राधेश्याम कुमार ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपितों ने हत्या को आत्महत्या साबित करने के उद्देश्य से शव को बांस की झाड़ी में फंदे से लटका दिया, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। हालांकि वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कृष्ण कुमार कानपुर में मजदूरी करते थे और घटना से करीब 10 दिन पहले अपने घर गनौल लौटे थे। उन्हें रविवार को वापस कानपुर जाना था, लेकिन किसी कारणवश वह नहीं जा सके। इसी बीच 13 जुलाई की रात उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं थीं। शुरुआती तौर पर मामला आ त्म हत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच में यह हत्या का मामला निकला। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
















