


नवगछिया। नवगछिया की पारंपरिक लोककला मंजूषा पेंटिंग को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाने का गौरवपूर्ण अवसर मिला, जब मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को इस कला और उससे जुड़ी ‘बिहुला’ की लोककथा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान मनोज पंडित ने बताया कि मंजूषा पेंटिंग बिहार की प्राचीन लोककला है, जो विशेष रूप से नवगछिया और भागलपुर क्षेत्र में प्रचलित है। यह कला ‘बिहुला-बिषहरी’ कथा पर आधारित है, जिसमें नवगछिया की बेटी बिहुला की अटूट श्रद्धा, साहस और समर्पण की कहानी को चित्रों के माध्यम से जीवंत किया जाता है। उन्होंने राष्ट्रपति को इस कला की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में उपस्थित नवगछिया के मुकेश राणा ने इसे गर्व और सम्मान का क्षण बताते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नवगछिया की धरती से जुड़ी पारंपरिक लोककला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना हम सभी के लिए गर्व की बात है।
















