


नवगछिया अनुमंडल के रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बटेश्वर गंगा घाट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मुंडन जैसे शुभ अवसर पर पहुंचा एक परिवार कुछ ही पलों में गहरे शोक में डूब गया, जब एक ही परिवार के तीन बच्चों की गंगा में डूबने से मौत हो गई। देर शाम चले सर्च ऑपरेशन के बाद एसडीआरएफ टीम ने तीनों शव बरामद कर लिए।
मृतकों की पहचान मधेपुरा जिले के चौसा थाना क्षेत्र के भठगामा गांव निवासी कुमोद यादव के पुत्र गौरव कुमार (12 वर्ष), पुत्री साक्षी कुमारी (16 वर्ष) और उनकी बहन मोनी कुमारी (18 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि परिवार मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए बटेश्वर घाट आया था।
अनुष्ठान के बाद परिवार के सदस्य गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों बच्चे नदी किनारे खड़े होकर मोबाइल से तस्वीर ले रहे थे, तस्वीर लेने के बाद उन लोगों ने मोबाइल बाहर रखा और फिर नहाने के लिए पानी में उतर गए तभी अचानक साक्षी कुमारी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में गौरव कुमार और मोनी कुमारी भी नदी में उतर गए, लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण तीनों पानी में समा गए।
घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन बदहवास होकर मदद के लिए चिल्लाने लगे, वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने एक-एक कर तीनों शवों को नदी से बाहर निकाला। शव मिलते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मुंडन की खुशियां पलभर में शोक में बदल गईं।
घटना के बाद पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों—बिनोद कुमार, राजकुमार रजक सहित कई ग्रामीणों ने भी खोजबीन में अहम सहयोग दिया।
इस हादसे के बाद एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं और न ही चेतावनी संकेत, जबकि कई जगहों पर फिसलन, गहराई और तेज बहाव बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, गोताखोरों की तैनाती और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
















