


लंबित आवेदनों और बायोमेट्रिक सत्यापन की हुई समीक्षा
पूर्णिया । जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पूर्णिया के सहायक निदेशक अमरेश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति, लंबित आवेदनों की स्थिति, बायोमेट्रिक सत्यापन अभियान, पात्र लाभार्थियों की पहचान तथा निर्धारित विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना तथा अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक सरकारी सहायता पहुंचाना रहा। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में विभिन्न पेंशन एवं सहायता योजनाओं के तहत लगातार नए लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत निर्धारित 21,171 लाभार्थियों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1,477 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है। वहीं लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 2,776 लक्ष्यों के मुकाबले 432, बिहार निःशक्तता पेंशन योजना में 2,019 लक्ष्यों के विरुद्ध 256, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना में 1,763 लक्ष्यों के विरुद्ध 170 तथा विधवा पेंशन योजना में 1,012 लक्ष्यों के मुकाबले 113 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया है। इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत भी 55 नए लाभार्थियों को शामिल किया गया है।
बैठक में बायोमेट्रिक सत्यापन अभियान की विशेष समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अभी भी 43,655 लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन लंबित है। इनमें नगर निगम पूर्णिया एवं बनमनखी क्षेत्र में लंबित मामलों की संख्या अधिक है। सहायक निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ मिलता रहे।
समीक्षा के दौरान मृत पाए गए लाभार्थियों के नाम तत्काल प्रभाव से सूची से हटाने तथा ‘नॉट ट्रेसेबल’ लाभार्थियों की भौतिक जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी और अपात्र व्यक्तियों को मिलने वाले लाभ पर रोक लग सकेगी।
लंबित आवेदनों की समीक्षा में पाया गया कि मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 9,064, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 446, बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के 164, विधवा पेंशन योजना के 110 तथा इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन योजना के 38 आवेदन लंबित हैं। सभी प्रखंडों को इन आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा प्रतिदिन समीक्षा कर लंबित मामलों को कम करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर पात्र व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। साथ ही दुर्घटना अथवा परिवार के मुखिया की मृत्यु की स्थिति में प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना एवं राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का लाभ त्वरित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के तहत 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों की सूची स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक के अंत में सहायक निदेशक अमरेश कुमार ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से जिले में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा और अधिक विस्तृत होगा तथा वृद्ध, विधवा, दिव्यांग एवं जरूरतमंद परिवारों को समय पर सरकारी सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
















