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नवगछिया। सावित्री पब्लिक स्कूल में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, उमंग, देशभक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। चारों ओर तिरंगे झंडे, देशभक्ति संदेश और राष्ट्रीय भावना से जुड़े कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक राम कुमार साहू, सचिव कृष्ण कुमार साहू, प्रशासक सुमित कुमार, प्राचार्य अमित कुमार सिंह एवं मुख्य अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और देश की एकता, अखंडता एवं समृद्धि का संकल्प लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने अभिषेक सर के निर्देशन में विद्यालय के निदेशक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अनुशासन, जोश और देशभक्ति से परिपूर्ण इस प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया।

स्काउट-गाइड की शानदार परेड ने बढ़ाया उत्साह

ध्वजारोहण के बाद स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने शानदार परेड प्रस्तुत की। विद्यार्थियों की कदमताल, अनुशासन और आत्मविश्वास ने समारोह में नई ऊर्जा भर दी। इसके बाद देशभक्ति गीतों और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर शुरू हुआ।

छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के महत्व को जीवंत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर अभिभावकों और अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया।

विज्ञान प्रदर्शनी बनी समारोह का मुख्य आकर्षण

स्वतंत्रता दिवस समारोह का सबसे खास आकर्षण विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य विज्ञान प्रदर्शनी रही। इसमें अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े आकर्षक वर्किंग मॉडल और चार्ट प्रस्तुत किए।

कक्षा 4 के विद्यार्थियों ने शिप्रा मैम के निर्देशन में, कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने सुमंत सर के मार्गदर्शन में तथा कक्षा 6 एवं 7 के विद्यार्थियों ने अमित कुँवर सर और सरफराज सर के निर्देशन में विभिन्न मॉडल तैयार किए। वहीं कक्षा 8 एवं उससे ऊपर के विद्यार्थियों ने राज कुमार चौधरी सर, रोहित कुमार सिंह सर एवं दिवाकर चौधरी सर के मार्गदर्शन में कई अभिनव वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किए।

प्रदर्शनी में बच्चों ने विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे वास्तविक जीवन की समस्याओं और उनके संभावित समाधानों से जोड़ने का शानदार प्रयास किया।

हाइड्रोजन से बिजली उत्पादन से लेकर ऑटोमैटिक वाटर डिस्पेंसर तक

विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा हाइड्रोजन आधारित बिजली उत्पादन, ऑटोमैटिक वाटर डिस्पेंसर, बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सेफ्टी अलार्म, ज्वालामुखी मॉडल, स्वच्छ भारत से जुड़े प्रोजेक्ट सहित कई रचनात्मक मॉडल प्रस्तुत किए गए।

इसके अलावा विद्यार्थियों ने सोलर एनर्जी, पवन ऊर्जा, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, वर्षा जल संचयन, वेस्ट मैनेजमेंट, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानव शरीर की कार्यप्रणाली, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मॉडल भी प्रदर्शित किए।

स्मार्ट सिटी और ग्रीन एनर्जी पर बच्चों ने दिया संदेश

विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिटी और ग्रीन एनर्जी की अवधारणा को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट के माध्यम से बच्चों ने बताया कि आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से भविष्य के शहरों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।

जल संरक्षण और पर्यावरण पर भी रहा जोर

Rain Water Harvesting और Waste Management जैसे मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जल संरक्षण और कचरे के उचित प्रबंधन का संदेश दिया। बच्चों ने बताया कि पानी की एक-एक बूंद बचाना और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना आज की बड़ी जरूरत है।

Pollution Control और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों ने बढ़ते प्रदूषण के कारणों और उससे बचाव के उपायों को भी प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।

रोबोटिक्स और एआई ने खींचा ध्यान

प्रदर्शनी में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने स्वचालित रोबोट और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से तकनीक के आधुनिक उपयोग को प्रदर्शित किया।

बच्चों ने अपने मॉडल की कार्यप्रणाली को अभिभावकों और अतिथियों को विस्तार से समझाया। उनकी वैज्ञानिक समझ और आत्मविश्वास देखकर सभी ने विद्यार्थियों की जमकर सराहना की।

स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक के मॉडल भी रहे खास

मानव शरीर के विभिन्न अंगों की कार्यप्रणाली, स्वास्थ्य एवं तकनीक तथा जैविक खेती से जुड़े प्रोजेक्ट भी प्रदर्शनी में लगाए गए। बच्चों ने विज्ञान को दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और कृषि से जोड़कर उसके व्यावहारिक महत्व को समझाने का प्रयास किया।

कई मॉडलों में विद्यार्थियों ने यह दिखाया कि छोटी-छोटी वैज्ञानिक अवधारणाओं और तकनीकी उपायों के माध्यम से रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है।

राम कुमार साहू, निदेशक, सावित्री पब्लिक स्कूल नें कहा –

“आज सावित्री पब्लिक स्कूल में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी और वार्षिक सांस्कृतिक सप्ताह के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास देखकर बहुत प्रसन्नता हुई। शिक्षा केवल पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और नई चीजें सीखने के अवसर मिलना जरूरी है।

इसी उद्देश्य से हमने वार्षिक सांस्कृतिक सप्ताह में नृत्य, भाषण, अंग्रेजी नाटक और विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया है। आज बच्चों ने जिस उत्साह और रचनात्मकता के साथ विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए, वह उनके सीखने की वास्तविक क्षमता को दर्शाता है। मैं सभी विद्यार्थियों को बधाई देता हूं और शिक्षकों को उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देता हूं। अभिभावकों का सहयोग भी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”

कृष्ण कुमार साहू, सचिव, सावित्री पब्लिक स्कूल, नें कहा –

“आज के कार्यक्रम में हमारे विद्यार्थियों ने जिस उत्साह के साथ भाग लिया, वह वास्तव में सराहनीय है। बच्चों के भाषणों में उनका आत्मविश्वास और विचारों को व्यक्त करने की क्षमता स्पष्ट दिखाई दी। विशेष रूप से नर्सरी के छोटे बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में जिस उत्साह से भाग लिया, वह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है।

इतनी कम उम्र में मंच पर आकर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करना बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण है। मैं विज्ञान प्रदर्शनी और सांस्कृतिक सप्ताह में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देता हूं। हर बच्चे का प्रयास महत्वपूर्ण है और हमें उनकी प्रतिभा को निरंतर प्रोत्साहित करते रहना चाहिए।”

सुमित कुमार साहू, प्रशासक, नें कहा –

“आज की विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने केवल मॉडल प्रस्तुत नहीं किए, बल्कि अपनी सोच और समस्या-समाधान की क्षमता को भी सामने रखा। बच्चों द्वारा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हाइड्रोजन आधारित बिजली उत्पादन का मॉडल, ऑटोमैटिक वाटर डिस्पेंसर, बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सेफ्टी अलार्म, ज्वालामुखी मॉडल, स्वच्छ भारत से जुड़े प्रोजेक्ट और कई अन्य रचनात्मक परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं।

इन प्रोजेक्ट्स में बच्चों ने विज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़ने का प्रयास किया है। हमारा उद्देश्य केवल बच्चों को विज्ञान पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सवाल पूछने, प्रयोग करने और समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। वार्षिक सांस्कृतिक सप्ताह में विज्ञान प्रदर्शनी को शामिल करना इसी सोच का हिस्सा है।”

अमित कुमार सिंह, प्राचार्य, नें कहा –

“स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मैं सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और देशवासियों को शुभकामनाएं देता हूं। आइए हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करें और एक शिक्षित, अनुशासित, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लें।

प्रिय विद्यार्थियों, बड़े सपने देखें, निरंतर सीखें और अपने ज्ञान, मेहनत तथा अच्छे संस्कारों से देश की प्रगति में योगदान दें। आज की आपकी मेहनत ही कल के भारत का भविष्य तय करेगी। विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों ने शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।”

अमित कुँवर, विज्ञान शिक्षक, नें कहा –

“आज हमारे विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में छात्रों ने अपनी मेहनत और सोच से बहुत सुंदर मॉडल बनाए हैं। विज्ञान हमारे जीवन का आधार है।

सोलर कुकर, वाटर प्यूरीफायर, रोबोट और प्रदूषण रोकने वाले मॉडल देखकर हमें गर्व होता है कि हमारे छात्र कितने प्रतिभाशाली हैं। किसी ने बिजली बचाने वाला मॉडल बनाया है तो किसी ने कृषि के लिए ड्रिप इरिगेशन का मॉडल। ये सभी मॉडल बताते हैं कि विज्ञान सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे रोजमर्रा के जीवन की समस्याओं का समाधान है।”

राज कुमार चौधरी, विज्ञान शिक्षक नें कहा –

“विज्ञान सिर्फ किताबों में लिखी बातें नहीं है। यह हमारे आसपास की दुनिया को देखने और समझने का नजरिया है। आज हमारे विद्यालय के छात्रों ने जो मॉडल और प्रोजेक्ट बनाए हैं, वे उनकी कड़ी मेहनत और रचनात्मकता को दिखाते हैं।

विज्ञान हमें सिखाता है कि प्रयोग करते रहना चाहिए। अगर कोई प्रोजेक्ट पहली बार में सफल नहीं होता है तो वह असफलता नहीं, बल्कि सीखने का एक नया तरीका है। बच्चों को प्रयोग करने और अपनी सोच को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर देना उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करता है।”

रोहित कुमार सिंह, विज्ञान शिक्षक, नें कहा –

“विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई यह विज्ञान प्रदर्शनी हमारे लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलती है। यहां छात्र प्रयोगों के माध्यम से सीखते हैं, तर्क करना सीखते हैं, बेहतर ढंग से अपनी बात रखना सीखते हैं और एक टीम के रूप में कार्य करना सीखते हैं।

इसी प्रक्रिया से उनके मन में जिज्ञासा पैदा होती है और आज हमारे विद्यार्थियों ने इसे अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से साबित किया है। इस प्रदर्शनी का हिस्सा बनना मेरे लिए भी गौरव की बात है।”

शिक्षक-शिक्षिकाओं की मेहनत ने दिया कार्यक्रम को आकार

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुरेश प्रसाद सिंह, अजीत सिंह, नवरतन कुमार, संजीव झा, संजीव भारद्वाज, सोनू जायसवाल, उत्तम कुँवर, रोहित कुमार, रमाकांत सिंह, आशुतोष कुमार, संतोष कुमार, सूरज कुमार गुप्ता, सूरज कुमार, अभिनव कुमार, शाकिब अंसारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

शिक्षकों के निर्देशन में विद्यार्थियों ने कई दिनों तक अपने मॉडल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी की। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास और विज्ञान प्रदर्शनी में उनकी वैज्ञानिक समझ शिक्षकों की मेहनत को भी दर्शाती रही।

देशभक्ति के साथ विज्ञान और नवाचार का संदेश

सावित्री पब्लिक स्कूल का स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि भारत के विकास में विज्ञान, तकनीक, नवाचार और रचनात्मक सोच की महत्वपूर्ण भूमिका है।

एक ओर जहां स्काउट-गाइड की परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बच्चों में देशप्रेम की भावना को मजबूत किया, वहीं विज्ञान प्रदर्शनी ने उनकी वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और समस्या-समाधान की क्षमता को मंच प्रदान किया।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों को प्रयोग करने, प्रश्न पूछने और नए समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, रचनात्मक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह के समापन पर विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति, उत्साह, विज्ञान, संस्कृति और नवाचार के रंग में रंगा रहा।

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