


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। श्रावणी मेले की आध्यात्मिक बेला में बाबा वैद्यनाथ के भक्तों के लिए एक विशेष सिनेमाई सौगात तैयार है। स्टोरी एंड एंटरटेनमेंट 45 के बैनर तले निर्मित शॉर्ट फीचर फिल्म ‘बाबा वैद्यनाथ ही सहारा’ इस वर्ष श्रावणी मेले के अवसर पर रिलीज होगी। फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिवभक्ति, आस्था, विश्वास और संघर्ष के बीच आशा की किरण को बड़े पर्दे पर जीवंत करना है। रिलीज से पहले झारखंड की विश्वप्रसिद्ध शिवनगरी देवघर में इसका विशेष प्रीमियर आयोजित किया जाएगा, जिसमें फिल्म जगत, साहित्य, पत्रकारिता और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रहने की संभावना है।
श्रावणी मेला भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा करते हुए बाबा वैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इसी तप, त्याग, समर्पण और अटूट विश्वास की भावना को केंद्र में रखकर फिल्म की कहानी बुनी गई है।
फिल्म का केंद्रीय पात्र लक्ष्मण एक साधारण युवक है, जिसकी जिंदगी अचानक कठिन दौर से गुजरने लगती है। हर ओर निराशा के बीच उसका एकमात्र सहारा बाबा वैद्यनाथ पर अटूट विश्वास होता है। वह कांवर लेकर सुल्तानगंज से देवघर की यात्रा पर निकलता है। इस कठिन यात्रा के दौरान घटी एक अप्रत्याशित घटना न केवल उसकी सोच बदल देती है, बल्कि उसके जीवन को भी नई दिशा देती है। फिल्म यह संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा, धैर्य और विश्वास के साथ की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका वास्तविक लोकेशनों पर किया गया फिल्मांकन है। सुल्तानगंज, बाबा वैद्यनाथ मंदिर परिसर, चित्रावली, देवघर अंतरराज्यीय बस अड्डा, दुम्मा सीमा, कांवड़िया पथ, मारवाड़ी कांवर संघ, पुरानी पाण्डेय दुकान, कुंडा सहित देवघर के अनेक धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर हुई शूटिंग दर्शकों को श्रावणी मेले की वास्तविक अनुभूति कराएगी। कैमरे के माध्यम से कांवर यात्रा की कठिन साधना, भक्तों की आस्था और शिवभक्ति की ऊर्जा को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है।
संगीत के स्तर पर भी फिल्म को विशेष बनाने का प्रयास किया गया है। महाकवि विद्यापति की अमर शिवभक्ति रचना ‘कखन हरब दुख मोर, हे भोलानाथ’ को नए संगीत संयोजन के साथ फिल्म में शामिल किया गया है। इस गीत की रिकॉर्डिंग मुंबई में हुई, जबकि इसके इंस्ट्रुमेंटल संस्करण को पटना के पी.जी. सुपर साउंड स्टूडियो में संगीतज्ञ सीताराम सिंह के निर्देशन में तैयार किया गया। गीत को स्वर और संगीत मनोज झा ने दिया है, जो फिल्म की आध्यात्मिक संवेदना को और अधिक गहराई प्रदान करेगा।
फिल्म में रौशन मिश्रा, रोशनी झा, डॉ. प्रणय कुमार, क्षितिज प्रकाश, बबलू साह, अरुण कुमार दास, आव्या आनायरा, मार्कण्डेय जजवाड़े, इंद्रजीत कुमार राउत (गुड्डा), प्रभा दुबे, संदीप मिश्रा और राकेश कुमार राय सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
तकनीकी पक्ष भी फिल्म की मजबूती का आधार है। प्रोडक्शन मैनेजर बम शंकर दुबे, रूप-सज्जा कलाकार इंद्रजीत कुमार राउत (गुड्डा), वेशभूषा प्रभारी रोशनी दुबे, कला निर्देशक मार्कण्डेय जजवाड़े, छायांकन एवं संपादन तुषार घोष, पब्लिसिटी डिज़ाइन और संवाद लेखक उदयेश रवि तथा संगीत निर्देशक मनोज झा ने अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। फिल्म की कथा एवं निर्माण सच्चिदानंद मिश्र का है, जबकि पटकथा और निर्देशन शत्रुघ्न प्रसाद ने किया है।
निर्माताओं के अनुसार ‘बाबा वैद्यनाथ ही सहारा’ केवल एक धार्मिक फिल्म नहीं, बल्कि विश्वास, संघर्ष, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देने वाली प्रेरक प्रस्तुति है। श्रावणी मेले के दौरान रिलीज होने वाली यह फिल्म बाबा वैद्यनाथ के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, भावनात्मक जुड़ाव और जीवन में उम्मीद जगाने वाली एक विशेष सिनेमाई अनुभूति बनने का प्रयास करेगी।

















