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राघोपुर में चेतावनी स्तर पार, चारों संवेदनशील स्थलों पर बढ़ा नदी का दबाव; तटबंधों की निगरानी तेज

नवगछिया । गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच नवगछिया अनुमंडल के संवेदनशील तटबंधों पर नदी का दबाव बना हुआ है। जल संसाधन विभाग की बुधवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर के गेज स्थलों पर जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के टो तक पहुंच गया है। विभाग ने फिलहाल चारों स्थानों पर तटबंध को सुरक्षित बताया है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर और कटाव को देखते हुए संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

सबसे गंभीर स्थिति इस्माईलपुर-बिंदटोली की बताई जा रही है, जहां गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। वहीं राघोपुर में गंगा चेतावनी स्तर से 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। दूसरी ओर मदरौनी और जेबी चोरहर में कोसी के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। नदी का पानी कई जगहों पर तटबंध के टो को छू रहा है, जिससे तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है।

इस्माईलपुर-बिंदटोली में खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर गंगा

स्पर संख्या-7 पर गंगा का जलस्तर 32.10 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर में सात सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। इस स्थल पर चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का निशान 31.60 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से गंगा का पानी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। यहां उच्चतम बाढ़ स्तर 33.50 मीटर है।

जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का पानी तटबंध के टो तक पहुंच गया है। इस स्थिति को देखते हुए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। तटबंध की स्थिति पर नजर रखने के साथ नदी के दबाव और संभावित कटाव वाले स्थानों की भी निगरानी की जा रही है।

राघोपुर में चेतावनी स्तर से 29 सेंटीमीटर ऊपर पानी

काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के समीप गंगा का जलस्तर 32.97 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। राघोपुर में गंगा का चेतावनी स्तर 32.68 मीटर और खतरे का निशान 33.68 मीटर है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 29 सेंटीमीटर ऊपर है।

राघोपुर मार्जिनल बांध के कई हिस्सों में कटाव की स्थिति बनी हुई है। नदी के दबाव को देखते हुए कटावग्रस्त हिस्सों को सुरक्षित रखने के लिए बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। विभागीय टीमें संवेदनशील हिस्सों पर नजर बनाए हुए हैं।

राघोपुर में बुधवार को तटबंध मरम्मत एवं कटाव निरोधी कार्य के दौरान मजदूरों से भरी नाव पलटने की घटना भी सामने आई थी। इस हादसे में 20 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जबकि दो मजदूरों की तलाश जारी रही। ऐसे में क्षेत्र में नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज धार प्रशासन एवं विभाग के लिए अतिरिक्त चुनौती बना हुआ है।

मदरौनी में 10 सेंटीमीटर बढ़ा कोसी का जलस्तर

मदरौनी में कोसी नदी के जलस्तर में भी पिछले 24 घंटे के दौरान 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यहां बुधवार सुबह जलस्तर 31.13 मीटर दर्ज किया गया। इस स्थल पर चेतावनी स्तर 30.48 मीटर और खतरे का निशान 31.48 मीटर है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार मदरौनी में तटबंध फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन कोसी का पानी तटबंध के टो को छू रहा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने की स्थिति में तटबंध पर दबाव और बढ़ सकता है। इसी कारण विभागीय स्तर पर यहां भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

जेबी चोरहर में पांच सेंटीमीटर बढ़ा पानी

जेबी चोरहर में भी कोसी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यहां जलस्तर 31.30 मीटर रहा। इस स्थल पर चेतावनी स्तर 30.77 मीटर और खतरे का निशान 31.77 मीटर है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 53 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर नीचे है।

नागरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के टो को छू रहा है। ऐसे में नदी के जलस्तर में होने वाली किसी भी अतिरिक्त वृद्धि पर विभाग की नजर बनी हुई है।

चारों गेज स्थलों पर बढ़ा जलस्तर

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर चारों गेज स्थलों पर पिछले 24 घंटे के दौरान जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी है, जबकि राघोपुर में गंगा चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है।

मदरौनी में कोसी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है, वहीं जेबी चोरहर में पांच सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। चारों स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के टो तक पहुंचने के कारण विभागीय अधिकारियों और कर्मियों को सतर्क रहने तथा संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण

गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि तथा कई स्थानों पर तटबंध के टो तक पहुंच चुके पानी को देखते हुए अगले 24 घंटे तटबंधों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विभाग की टीमें संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। कटावग्रस्त हिस्सों में आवश्यकतानुसार बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है।

फिलहाल विभाग ने चारों स्थानों पर तटबंध को सुरक्षित बताया है, लेकिन नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में होने वाले किसी भी बदलाव के आधार पर तटबंधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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