


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला इस बार सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि हाईटेक सुरक्षा और आधुनिक प्रबंधन का भी उदाहरण बनने जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मेले का उद्घाटन होगा, जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल रहेंगे। छात्र आंदोलन के बाद मिले खुफिया विभाग के इनपुट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया है।
इस बार पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी एआई आधारित कैमरों से लैस ड्रोन करेंगे। ये ड्रोन केवल वीडियो रिकॉर्डिंग ही नहीं करेंगे, बल्कि भीड़ का स्वतः विश्लेषण कर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट भी भेजेंगे। भागलपुर, बांका, मुंगेर और देवघर के प्रशासन एकीकृत तकनीकी प्लेटफॉर्म से जुड़े रहेंगे, जिससे किसी भी स्थिति में तुरंत समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
अजगैबीनाथ घाट से लेकर देवघर तक कांवरिया पथ पर पहली बार पीपल काउंटिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके माध्यम से हर पल श्रद्धालुओं की संख्या का आकलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर भीड़ का रूट डायवर्ट कर दुर्घटनाओं की आशंका कम की जाएगी।
मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र कुमार यादव सहित नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल तथा पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र सहित कई मंत्री मौजूद रहेंगे।
इधर, कांवरिया पथ पूरी तरह ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा है। देशभर से शिवभक्तों का आगमन शुरू हो चुका है। कोलकाता से पहुंचे श्रद्धालुओं की आकर्षक एवं वजनी कांवर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय, पेयजल, रोशनी, विश्राम स्थल, चिकित्सा, एंबुलेंस तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पर्यटन विभाग ने मेला व्यवस्थाओं के लिए 44 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। वहीं, हिंदी, नेपाली, बंगाली, भोजपुरी, अंगिका और मैथिली सहित छह भाषाओं में मेला संबंधी सूचनाओं का प्रसारण किया जाएगा।
प्रशासन का दावा है कि इस बार तकनीक, सुरक्षा और सुविधाओं के बेहतर तालमेल के साथ श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा।
















