


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। टीएनबी कॉलेज के सेवानिवृत्त सेक्शन ऑफिसर (एसओ) अमरेन्द्र झा ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद उनके संशोधित एरियर क्लेम की प्रति अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर एरियर क्लेम तैयार करने में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
श्री झा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विश्वविद्यालय ने 24 घंटे के भीतर उनके एरियर क्लेम में आवश्यक सुधार कर उसकी प्रति संबंधित कार्यालय में उपलब्ध कराने तथा एक प्रति उन्हें भी देने का निर्देश दिया था। उनका कहना है कि आदेश जारी होने के 15 दिन बाद भी उन्हें एरियर क्लेम की प्रति नहीं मिली।
उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में कई बार प्राचार्य से मिलने पर उन्हें यह जवाब मिला कि, “एकाउंट्स और फाइनेंस हमको बुझने नहीं आता है। बड़ा बाबू जो करके देते हैं, उसी पर सिग्नेचर कर देते हैं।”
श्री झा ने सवाल उठाया कि जब 20 जून 2020 को प्राचार्य सहित 111 कर्मचारियों (99 कार्यरत एवं 12 सेवानिवृत्त) का एरियर क्लेम एक नियम के तहत विश्वविद्यालय भेजा गया और बाद में विश्वविद्यालय द्वारा 16 सितंबर 2024 को विमुक्त 1.69 करोड़ रुपये की राशि से सभी का भुगतान कर दिया गया, तो उनके मामले में अलग नियम क्यों अपनाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एरियर क्लेम में एसीपी/एमएसीपी (ACP/MACP) प्रोन्नति की राशि घटाई गई, जबकि अन्य कर्मचारियों के मामलों में ऐसा नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि सभी कर्मचारियों के एरियर क्लेम में भी इसी आधार पर कटौती की जाती, तो कई मामलों में एरियर की स्थिति बदल सकती थी। उन्होंने 1.69 करोड़ रुपये के एरियर भुगतान की प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की है।
श्री झा ने कहा कि एक ही कॉलेज में एक ही शाखा द्वारा अलग-अलग नियमों से एरियर क्लेम तैयार किया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने प्राचार्य से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह पूरे मामले को विश्वविद्यालय के शीर्ष प्रशासन के समक्ष उठाएंगे।

















