


@ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ा अवसर, वायरल वीडियो ही तय करेगा जीत-हार; पहली बार हाईटेक अंदाज में दिखेगा श्रावणी मेला।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार सरकार ने विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए एक अलग और डिजिटल पहल शुरू की है। पर्यटन विभाग ने ‘मेला-2026: एक इन्फ्लुएंसर की नजर से’ थीम पर वीडियो प्रतियोगिता लॉन्च की है। इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह है कि केवल अच्छा वीडियो बनाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि सोशल मीडिया पर उसकी लोकप्रियता भी विजेता तय करेगी।
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, ट्रैवल व्लॉगर्स, यूट्यूबर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को श्रावणी मेले की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करना होगा। विजेता को 3 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार मिलेगा।
AI से बना वीडियो सीधे बाहर:
इस प्रतियोगिता का सबसे अलग नियम यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए वीडियो पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में AI का इस्तेमाल मिलने पर प्रविष्टि तुरंत निरस्त कर दी जाएगी। इसके अलावा वीडियो पर किसी प्रकार का वॉटरमार्क, कॉपीराइट उल्लंघन या आपत्तिजनक सामग्री भी नहीं होनी चाहिए।
वायरल होगा तो बढ़ेंगे जीतने के मौके:
प्रतियोगिता में केवल कैमरे की क्वालिटी या एडिटिंग नहीं, बल्कि वीडियो का सोशल मीडिया प्रदर्शन भी अहम होगा। चयन के दौरान इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा – वीडियो की कुल रीच,लाइक्स की संख्या,शेयर और रीट्वीट,दर्शकों की सहभागिता (एंगेजमेंट)।
चयनित वीडियो बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किए जाएंगे, जिससे क्रिएटर्स को व्यापक पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।
इनाम की बारिश:
प्रतियोगिता के लिए आकर्षक पुरस्कार तय किए गए हैं –
प्रथम पुरस्कार – ₹3,00,000
द्वितीय पुरस्कार – ₹2,00,000
तृतीय पुरस्कार – ₹1,00,000
दो प्रतिभागियों को – ₹50,000-₹50,000
पांच प्रतिभागियों को – ₹25,000-₹25,000
इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
ऑनलाइन होगा आवेदन:
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन लिंक बिहार पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। आवेदन के साथ पहचान पत्र, मोबाइल नंबर और वीडियो का संक्षिप्त विवरण देना अनिवार्य होगा।
30 जुलाई से शुरू होगा श्रावणी मेला:
पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता के अनुसार श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। इस दौरान 3, 10, 17 और 24 अगस्त के सोमवार विशेष धार्मिक महत्व के होंगे। सुल्तानगंज, देवघर मार्ग, मंदार (बांका) और खैरा (मुंगेर) समेत कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पहली बार हाईटेक होगा मेला:
इस बार श्रावणी मेला पारंपरिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी संगम बनेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए टेंट सिटी, लेजर शो, ड्रोन शो, वॉटर स्क्रीन म्यूजिकल फाउंटेन शो और अत्याधुनिक पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। कांवरिया मार्ग पर भी कई नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह प्रतियोगिता सिर्फ पुरस्कार जीतने का मंच नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अब धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के प्रचार में डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया की भूमिका कितनी बढ़ गई है। खास बात यह भी है कि जहां दुनिया AI आधारित कंटेंट की ओर तेजी से बढ़ रही है, वहीं बिहार सरकार ने मानवीय रचनात्मकता और वास्तविक अनुभव को प्राथमिकता देते हुए AI से बने वीडियो पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यही इस पहल को अन्य सरकारी प्रतियोगिताओं से अलग बनाता है।
















